बीयर की बिक्री बढ़ी, युवाओं में नशा वृद्धि की ओर इशारा
मेरठ।
प्रदेश सरकार की आय का एक बड़ा स्रोत आबकारी विभाग है। लेकिन पिछले पांच सालों में मेरठ जिले में अंग्रेजी शराब की बिक्री में जहां गिरावट नजर आ रही है तो वहीं बीयर की बिक्री में वृद्धि देखी जा रही है। अंग्रेजी शराब की कम होती बिक्री के पीछे जहां हरियाणा की सस्ती शराब की तस्करी को बड़ा कारण माना जा रहा है, वहीं बीयर की बढ़ती बिक्री के पीछे कहीं न कहीं युवा और किशोरों का नशे की तरफ बढ़ता कदम माना जा रहा है।
ये हैं पिछले छह सालों की बिक्री
वित्तीय वर्ष अंग्रेजी शराब (बोतल) बीयर (कैन)
2012-13 57,35000 6257000
2013-14 48,50000 7206000
2014-15 3536000 6467000
2015-16 2712000 7295000
2016-17 3963000 7416000
2017-18 4425000 8869500
चुनावी दौर में घटी सबसे ज्यादा बिक्री
ये आंकड़े साफ गवाही दे रहे हैं कि चुनावी दौर में अंग्रेजी शराब की बिक्री सबसे ज्यादा घटी है। वर्ष 2014-15 में लोकसभा चुनाव, वर्ष 2015-16 में पंचायत चुनाव और वर्ष 2016-17 में विधानसभा चुनाव के दौरान शराब की बिक्री सबसे ज्यादा कम हुई। ऐसे में पूरा संकेत मिल रहा है कि शराब के शौकीनों को यहां पर प्रत्याशियों द्वारा हरियाणा से तस्करी करके लाई गई सस्ती शराब पिलाई गई।
योगी सरकार में सख्ती से बढ़ी बिक्री
प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही भाजपा सरकार बनी तो कानून की सख्ती भी बढ़ी। पुलिस की सख्ती से खनन आदि पर रोक लगाई गई तो हरियाणा से आने वाली शराब पर भी सख्ती से कार्रवाई हुई। कई बड़ी खेप पिछले वित्तीय वर्ष में मेरठ पुलिस ने बरामद की। जिस कारण पिछले वित्तीय वर्ष में आंकड़ा बढ़ गया, लेकिन 2013-14 और उससे पहले के आंकड़े को फिर भी नहीं छू पाए।
बीयर की बढ़ रही लगातार बिक्री
पिछले वित्तीय वर्ष में सबसे ज्यादा रिकॉर्ड बिक्री बीयर की हुई। इसके पीछे शराब सिंडिकेट से जुड़े लोगों के साथ ही समाज के प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि युवा और किशोर वर्ग जो इस समय नशे की तरफ जा रहा है, बीयर उनकी पसंद बनता जा रहा है। यही कारण है कि लगातार बीयर की बिक्री में वृद्धि हो रही है।