दो घंटे बंद रखी फार्मेसी, मरीज हुए परेशान
मेरठ।
मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को फार्मासिस्ट एसोसिएशन से जुड़े लोगों ने दो घंटे तक फार्मेसी बंद रखकर हंगामा किया। इससे मरीजों को परेशानी हुई। वहीं प्राचार्य ने फार्मासिस्टों को चेतावनी दी है, साथ ही इंटर्नशिप कर रहे फार्मासिस्टों की ट्रेनिंग अगले आदेश तक रोक दी है। इसकी जानकारी डीजी हेल्थ और डीजी चिकित्सा शिक्षा को भी दे दी है। फार्मासिस्टों से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे फार्मेसी बंद कर दी गई और फार्मासिस्ट हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि दवाई लेने के दौरान तीमारदारों से झगड़ा हो गया था, इसलिए फार्मेसी बंद कर प्राचार्य से शिकायत करने गए थे। साथ ही उनका आरोप है कि पर्चा काउंटर पर बाहरी लोग बैठाए गए हैं, जो एंबुलेंस में मरीजों को अस्पताल से बाहर ले जाते हैं। इसकी शिकायत भी की जा चुकी है, मगर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि जिन स्वयं सेवकों की शिकायत कर्मचारी कर रहे हैं, वह मोदीपुरम से नियुक्त किए गए हैं। मेडिकल कॉलेज से इनकी नियुक्ति का कोई लेना देना नहीं है। मेडिकल से ये सभी स्वयंसेवक मरीजों को विभिन्न जांच केंद्र पर ले जाते हैं और निशुल्क सेवाएं दे रहे हैं। मरीजों की शिकायत थी कि दवाई वितरण काउंटर देर से खुलता है। इसके लिए नौ फरवरी को प्रधानाचार्य से शिकायत की गई थी। प्राचार्य ने निरीक्षण भी किया था, जिसका कुछ फार्मासिस्ट विरोध कर रहे थे। इन्होंने नारेबाजी करके जनहित की दवाई वितरण काउंटर बंद कर दिए। प्राचार्य डॉ. एसकेगर्ग ने बताया कि इस मामले में चेतावनी दी गई है और जांच कराई जा रही है। अस्पताल में अव्यवस्था नहीं होनी दी जाएगी। वहीं, मेडिकल कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन त्यागी ने बताया कि वह भी कर्मचारियों के साथ प्राचार्य से मिले और सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्राचार्य ने उन्हें आश्वासन दिया है।