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कैंपस अड्डा....

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- कैंपस अड्डा में रेयान पब्लिक स्कूल के छात्र प्रद्युम्न की हत्या के बाद हालात पर छात्रों ने दी प्रतिक्रिया
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
गुरुग्राम के रेयान पब्लिक स्कूल के छात्र प्रद्युम्न की हत्या के बाद पब्लिक स्कूलों में व्यवस्था की पोल खुल रही है। कहीं बस खटारा हैं तो कहीं ड्राईवर और कंडक्टर के वेरिफिकेशन को लेकर स्कूल चौकस नहीं है। पैरेंट्स स्तर पर भी कहीं-कहीं लापरवाही नजर आती है। देश को हिला देने वाली वारदात के बाद स्कूल जाग रहे हैं। पैरेंट्स के चिंता बढ़ी है। अमर उजाला ने कैंपस में छात्रों से इस मुद्दे पर उनकी प्रतिक्रिया जानी तो उन्होंने सुझाव दिए कमियां भी बताईं। छात्रों ने कहा कि स्कूलों की निगरानी के लिए सरकार को अलग से तंत्र बनाना चाहिए।
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स्कूलों का फोकस पैसा कमाने पर
अधिकांश स्कूलों का फोकस पैसा कमाने पर है। वह जिम्मेदारी से बच रहे हैं। फीस के कई प्रकार हैं, लेकिन उनको लेकर जवाबदेही नहीं है। नैतिक मूल्यों में कमी नजर आती है। -दिव्यांश शर्मा
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टीचिंग का नहीं अनुभव
कुछ स्कूलों में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने वाले छात्र पढ़ा रहे हैं। टीचिंग का उन्हें अनुभव ही नहीं है। स्कूल कमाई पर ध्यान दे रहे हैं, सुरक्षा पर उनका ध्यान नहीं है। -अंजलि तेवतिया
जागरूक होना पड़ेगा
स्कूलों के स्टॉफ के वेरिफिकेशन को लेकर पैरेंट्स को जागरूक होना पड़ेगा। जिस गाड़ी या बस में वह अपने बच्चे को भेज रहे हैं, उसके बारे में पैरेंट्स भी पूरी जानकारी रखें। -राखी अधाना
गुरुग्राम की घटना से लें सबक
स्कूल पैरेंट्स की एंट्री को लेकर तो आईडी प्रूफ मांगते हैं, लेकिन अपने यहां की लापरवाही पर चुप रहते हैं। गुरुग्राम की वारदात से सबको लेना चाहिए। स्कूल अधिक जिम्मेदार बने। -मानसी चौहान
सीबीएसई बरते सख्ती
नियम और गाइडलाइन का पालन हो रहा है या नहीं इसको लेकर सीबीएसई को सख्ती करनी चाहिए। पब्लिक स्कूल धड़ाधड़ खुल रहे हैं। नियमित रूप से इनका निरीक्षण होना चाहिए। -पारुल चौधरी
नहीं होता वेरिफिकेशन
सरकारी स्कूलों की हालत और भी खराब है। वेरिफिकेशन के नाम पर यहां कुछ नहीं है। स्टाफ सरकारी जरूर है, लेकिन छात्र-छात्राओं को लाने और ले जाने के लिए कई स्कूलों में बसें लगी हैं। -शुभम कुमार
नियमों पर दें ध्यान
पैरेंट्स मीटिंग के सुझाव पर स्कूल यदि अमल न करे तो बड़ी अथॉरिटी से शिकायत करें। जब तक कोई घटना नहीं हो जाती स्कूल लापरवाह बने रहते हैं। बच्चों की सेफ्टी के नियमों पर ध्यान दें। -आशु कुमार
बढ़ रही घटनाएं
हरियाणा सरकार ने रेयान स्कूल को तीन माह अपने अधीन किया है। प्रदेश सरकारों को स्कूलों की निगरानी के लिए अलग से तंत्र बनाना चाहिए। स्कूलों की घटनाएं बढ़ रही हैं। -नीरू धामा
स्कूल नहीं देते ध्यान
स्कूलों में सिस्टम थ्योरी आधारित है। प्रैक्टिकल रूप से क्या समस्या आ रही हैं। उसको तवज्जो नहीं देने की वजह से भी हादसे होते हैं। अभिभावकों को ज्यादा जागरूक होना पड़ेगा। -अंकित प्रताप सिंह
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बच्चे के व्यवहार पर रखें नजर
स्कूल और बच्चे के व्यवहार में हो रहे बदलाव पर नजर रखे। क्लास टीचर से लेकर अटेंडेंट, बस ड्राइवर, कंडक्टर और चपरासी आदि तक के बदलाव पर नजर रखे। गलत लगने पर शिकायत करें। -कनक पंवार
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