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आठ और मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि

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मेरठ। स्वाइन फ्लू का प्रकोप रुक नहीं रहा है। आठ और लोगों को पुष्टि हुई है। इनमें मेरठ के सात और एक बुलंदशहर का है। मेरठ जिले में अब तक 79 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।
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सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि शनिवार को मेडिकल अस्पताल की माइक्रोबायोलॉजी लैब से मेरठ के मुर्तजा (53) निवासी ब्रह्मपुरी, विहान जैन (3) धर्मपुरी सदर, नरेंद्र (52) निवासी शालेपुर, हरवंश शर्मा (32) निवासी शास्त्रीनगर, सिप्पी (27) निवासी मयूर विहार, सचिन त्यागी (25) निवासी पसवाड़ा और चारू (9 माह) निवासी बीजोली हापुड़ रोड, इनके अलावा निर्मिलिश (44) निवासी बुलंदशहर को भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। मेडिकल अस्पताल की लैब से अब तक 258 सैंपलों में से 98 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें 22 दूसरे जिलों के हैं। यहां से मेरठ के 76 लोगों को पुष्टि हुई है, जबकि मेरठ के तीन मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि दिल्ली की लैब से हुई है। नौ लोगों की मौत हो चुकी है। गर्मी के मौसम में स्वाइन फ्लू जिस तरह के कहर ढा रहा है, इससे आशंका है कि सर्दियों में हालात और भी विकराल हो सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा खतरा है।


स्कूलों में दी जा रही स्वाइन फ्लू की जानकारी
स्वाइन फ्लू से बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों में पर्चे बांटे जा रहे हैं। रुटीन डायरी में बीमारी के कारण व लक्षणों की जानकारी दी जा रही है। अभिभावकों को यह भी बताया जा रहा है कि अगर बच्चे को किसी भी तरह का बुखार है तो उसे स्कूल न भेजें। सीबीएसई, स्वास्थ्य विभाग और शासन के आदेशानुसार स्कूलों में सामूहिक प्रार्थना पर फिलहाल रोक लगा दी है। कक्षाओं में ही सुबह की प्रेयर हो रही है। दीवान पब्लिक स्कूल कैंट, सेंट जोंस सीनियर सेके ंडरी स्कूल, एमपीजीएस शास्त्रीनगर सहित शहर के अन्य विद्यालयों में स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए जानकारी दी जा रही है। स्कूलों ने फॉगिंग भी शुरू करा दी।
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स्वाइन फ्लू न हो इसके लिए यह करें

स्वच्छता का रखें ख्याल
खांसी, छींक आए तो रुमाल प्रयोग करें
इस्तेमाल किए मास्क, टिशू पेपर ढक्कन वाले डस्टबिन में डालें
हाथों को साबुन से अच्छी तरह साफ करें
फ्लू के लक्षण दिखने पर घर पर रहे, दफ्तर, स्कूल, कोचिंग न जाएं
घर का बना ताजा भोजन, हरी सब्जी, ताजा फल ही खाएं
लोगों से हाथ मिलाने, गले लगने से बचें
मौसमी, संतरा, आलूबुखारा, गोल्डन सेव, तरबूज, अनार खाएं, खूब पानी पिएं।

शुरुआती लक्षण
नाक बहना, छींकें आना, नाक जाम होना
मांसपेशियों में दर्द, अकड़न
सिर में तेज दर्द, बेहद थकान होना
बुखार होना दवा खाने के बाद भी लगातार बुखार बढ़ना
लगातार खांसी होना व कफ होना

वर्जन
छात्रों को लगातार स्वाइन फ्लू से बचाव की जानकारी दे रहे हैं। बच्चों को पंपलेट भी बांट रहे हैं, ताकि छात्र जागरूक रहें, बच्चों को बुखार में स्कूल न आने के लिए हिदायत दी है। - एचएम राउत, प्रिंसिपल दीवान पब्लिक स्कूल
स्कूल में खुले मैदान की बजाय कक्षा में प्रार्थना करा रहे हैं, ताकि बच्चों को आपस में संक्रमण न लगे। पीटीएम में भी इसकी जानकारी दे रहे हैं। - राहुल केसरवानी, सहोदय सचिव


आबादी से दूर स्थापित करें शूकरबाड़े
स्वाइन फ्लू के मद्देनजर शासन स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत नगर पालिकाओं को शूकरबाड़ों को आबादी से दूर स्थापित करने के लिए कहा गया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग को हिदायत दी गई है कि जहां तक संभव हो सके आइसोलेशन वार्ड में एसी न चलाया जाए। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी की तरफ से भेजे गए शासनादेश में कहा गया है कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू तेजी से बढ़ रहा है। धीरे-धीरे महामारी का रूप ले रहा है। लिहाजा इसकी रोकथाम और लोगों को इससे बचाने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
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