निगम ने कब्जे में नहीं लिए
इन सबमर्सिबल पंप को लगवाने में नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च किया था। इनमें से करीब 800 बंद हो चुके हैं। बंद पड़े सबमर्सिबल का सामान भी जब्त किया जाए तो कई लाख रुपये का स्क्रैप हो सकता है। लेकिन जलकल विभाग इस तरफ भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस कारण निगम को लाखों रुपये का चूना लग रहा है। कई जगह तो इन पंप पर जनता ने कब्जा कर लिया है। कुछ लोगों ने तो सबमर्सिबल उखाड़कर बेच दिए हैं। कुछ मकान के अंदर लेकर उसका निजी उपयोग कर रहे हैं।
बिजली बिल के नाम पर लुट रहा खजाना
सबमर्सिबल बंद होने के बाद भी उनके विद्युत कनेक्शन अभी तक चल रहे हैं। विद्युत विभाग भी लगातार बिजली बिल भेज रहा है। निगम बिल भुगतान भी कर रहा है। ऐसे में सरकारी खजाने का दुरुपयोग हो रहा है।
नगरायुक्त के आदेशों पर भी अमल नहीं
वन एचपी सबमर्सिबल की रिपेयर के नाम पर बड़ा खेल होता रहा है। नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने पिछले साल रिपेयर के नाम पर होने वाले खजाने की लूट पर प्रतिबंध लगा दिया था। किसी भी हैंडपंप, सबमर्सिबल, ट्यूबवेल की रिपेयर से पहले उसकी फोटो और वीडियोग्राफी के निर्देश दिए थे। नगरायुक्त के निर्देशों को भी जलकल विभाग के अधिकारियों ने दरकिनार कर दिया।
मामले में जलकल विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। अगर सबमर्सिबल बंद हो चुके हैं तो उनके बिजली कनेक्शन कटवाए जाएंगे। अगर किसी ने सबमर्सिबल पर कब्जा कर रखा है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। -अमित सिंह, अपर नगरायुक्त।