त्रयोदशी और सावन के दूसरे सोमवार पर शहर शिवमय, कांवड़ियों ने हाजिरी जल चढ़ाया, शिविरों में रातभर थिरके शिवभक्त
शिवरात्रि पर आज पूरी रात खुलेगा मंदिर
मंदिर परिसर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आशुतोष भारद्वाज
मेरठ। त्रयोदशी और श्रावण मास के दूसरे सोमवार को बाबा औघड़नाथ मंदिर में शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा। 21 घंटे में करीब 75 हजार 600 शिवभक्तों ने बाबा को जलाभिषेक किया।
सोमवार तड़के 4:30 बजे आरती के बाद जलाभिषेक शुरू हुआ जो रात तक चलता रहा। कांवड़ियों ने पहले हाजिरी का जल चढ़ाया। सोमवार सुबह 8:30 बजे के बाद त्रयोदशी का जल चढ़ाने का क्रम शुरू हुआ। मंदिर समिति अध्यक्ष सतीश सिंघल ने बताया कि शिवलिंग पर अधिकतम एक मिनट में करीब 60 श्रद्धालु जलाभिषेक कर पाते हैं। इस हिसाब से एक घंटे में 3,600 श्रद्धालु जलाभिषेक कर सकते हैं। 21 घंटे में यह संख्या 75,600 तक पहुंची है।
बाबा औघड़नाथ मंदिर के आसपास रजबन, रेड क्वार्टर, नैंसी चौराहा मार्ग, वेस्ट एंड रोड, बेगमपुल और रुड़की रोड सहित विभिन्न स्थानों पर कांवड़ सेवा शिविर लगाए गए हैं। समिति पदाधिकारी और शिविर संचालक अजय ने बताया कि मंदिर के आसपास हजारों कांवड़ियों के पहुंचने की जानकारी मिली है। कांवड़ियों ने दिन में विश्राम करने के बाद रात में शिविरों में भजनों पर जमकर नृत्य किया। शिवभक्तों को भोजन के साथ गर्म दूध, फल आदि वितरित किए गए। श्रावण सोमवार का व्रत रखने वाले कांवड़ियों के लिए कई शिविरों में फलाहार और व्रत का भोजन भी उपलब्ध कराया गया। औघड़नाथ मंदिर परिसर में कैंप लगाकर डॉ. महेश बंसल की टीम ने कांवड़ियों और अन्य शिवभक्तों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। उन्होंने बताया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकीय सेवाएं मुहैया कराई गईं।
वाहन रोके, पैदल मंदिर गए श्रद्धालु
मंदिर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। नैंसी चौराहा और दर्शन अकादमी के पास वाहनों को रोक दिया गया है। इसके बाद शिवभक्त और कांवड़िया पैदल ही मंदिर की ओर पहुंचे। मंदिर के आसपास करीब आधा किलोमीटर के क्षेत्र में पर्याप्त पथ प्रकाश व्यवस्था की गई है। कैंट बोर्ड की ओर से सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
शिवरात्रि पर आज चार बार होगी आरती
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित श्रीधर त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को शिवरात्रि पर पहली आरती सुबह 4:30 बजे होगी। सुबह से रात तक मंदिर खुला रहेगा और कांवड़िया जलाभिषेक करते रहेंगे। दूसरी आरती शाम 7:30 बजे, रात 11 बजे और रात एक बजे आरती होगी। 12 अगस्त की सुबह 4:30 बजे भी आरती होगी। उन्होंने बताया कि 12 अगस्त की रात तक मंदिर श्रद्धालुओं के लिए तरह खुला रहेगा।