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75 चीनी मिल करेंगी प्रति सप्ताह गन्ना मूल्य भुगतान : चौधरी

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मेरठ। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि यह पहला मौका है, जब चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य का 98 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। 75 चीनी मिलों ने लिखित में दिया है कि चालू पेराई सत्र में वे एक सप्ताह में गन्ना मूल्य का भुगतान करेंगी। इस साल तीन नई चीनी मिलें भी पेराई शुरू करेंगी।
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लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बुधवार को बागपत रोड पर पूर्व ब्लाक प्रमुख सरजीत सिंह के आवास पर बातचीत में कहा कि इस सप्ताह के आखिर तक प्रदेश में केवल 900 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया रह जाएगा, यानी 98 फीसदी गन्ना मूल्य भुगतान हो जाएगा। बजाज समूह का 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया एक-दो दिन में किसानों के खातों में पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी यूपी की बड़ी बकायादार शामली चीनी मिल को अधिग्रहीत करने की योजना बना ली गई है। पहले इनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद अधिग्रहीत करने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। एक-दो और चीनी मिल हैं, जिनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जाएगी। अधिग्रहीत मिलों को पीपीपी मोड पर चलाने का प्रयास किया जाएगा। शुगर केन परचेज एक्ट में 14 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान का प्रावधान है। इस बार दो तिहाई से ज्यादा चीनी मिल एक सप्ताह में गन्ना मूल्य भुगतान कर देंगी।
गन्ना विकास मंत्री ने कहा कि सीएम योगी ने गन्ना किसानों का सर्वाधिक ध्यान दिया है। जब वह पहली बार मुख्यमंत्री बने तब पेराई सत्र 2016-17 में गन्ने का क्षेत्रफल 20 लाख हेक्टेयर था। अब यह 29.50 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। इस दौरान चीनी मिलों की पेराई क्षमता बढ़ी है। कई नई चीनी मिल लगी हैं। चालू पेराई सत्र में भी चांगीपुर (बिजनौर) और शाकुंभरी एवं बिडवी (सहारनपुर) मिलें पेराई शुरू करेंगी। अगले साल छाता और गजरौला में नई चीनी मिलें प्रारंभ हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल पर किसानों का लगभग 40 करोड़ रुपये बकाया। 16 नवंबर तक इस मिल को 25 करोड़ रुपये दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। उन्होंने गन्ना मूल्य वृद्धि के संकेत दिए।
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