मैंने तो खो दिया...क्या और मां भी अपने लाल खो दें
- शहीद अजय की मां का गुस्सा आया जुबां पर
- ढाई साल के आरव ने आहुति दी तो उमड़ा आंसुओं का सैलाब
मेरठ। बेटे की तेहरवीं के दौरान अजय की मां कमलेश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वह बस इस सोच में थीं कि अब आगे क्या होगा। सरकार को लेकर उनके दिल में बड़ा दर्र्द था। उन्होंने कहा कि उनका बेटा शहीद हो गया, लेकिन आज भी सेना पर कश्मीर में पत्थर बरस रहे हैं। वहां से धारा 370 नहीं हटी है। कमलेश ने कहा कि मैंने तो अपना लाल खो दिया लेकिन क्या देश की बाकी मां भी अपने लाल खो दें।
18 फरवरी से सोमवार तक शहीद अजय कुमार के घर पर सिसकियां नहीं रुकी। कोई क्षण ऐसा नहीं बीता जब इस घर में आंसुओं का सैलाब नहीं बहा हो। रोते-रोते हुए अजय की मां कमलेश, पत्नी प्रियंका, बहन अर्चना समेत सभी रिश्तेदारों की हालत खराब है। सोमवार को अजय की तेरहवीं पर घर में हुए हवन में पोते आरव ने आहुति दी तो वे बिलख पड़ीं। रोते-रोते बार-बार यही बोलतीं रहीं कि इसको तो यह भी नहीं पता कि इसका नीतू भईया चला गया है। उनकी इस हालत को देखकर हर शख्स की आंखों में आंसू थे। अजय के पिता भी इस क्षण सिसकने लगे, किसी तरह लोगों ने उनको संभाला। शोक सभा केबाद अजय की मां के दिल का गुबार बाहर आ गया। उनकी आवाज में गुस्सा झलक रहा था। उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार ने कुछ नहीं किया है। कश्मीर में आज भी वही हालात हैं, सरकार कुछ करती क्यों नहीं है। अगर सरकार ने कश्मीर में कुछ नहीं किया तो कौन मां अपने बेटों को सेना में भेजेगी।
रोते-रोते सो गया मासूम
सुबह से दोपहर तक शहीद के घर पर लोगों का तांता लगा था। मातम इतना था कि ढाई साल का मासूम आरव सबको रोते देख बिलखने लगा। दोपहर तक वो इतना रोया कि रोते-रोते दादी की गोद में ही सो गया। जो भी उसे देखता अपने आंसू नहीं रोक पाता।