मेरठ में नहीं डलने दिया जाएगा गाजियाबाद का कूड़ा
मेरठ। मेरठ नगर निगम ने गाजियाबाद नगर निगम के कूड़े को अपने निगम क्षेत्र में डलवाने से फिलहाल मना कर दिया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अपने यहां के कूड़े को ही डंप करने में लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। उनके पास इतनी जमीन नहीं है कि वे रोजाना गाजियाबाद से निकले 200 टन कूड़े को अपने यहां डंप करा ले।
शहरों से रोज निकलने वाला हजारों टन कूड़ा नगर निगमों के लिए सरदर्द बना हुआ है। जमीन की किल्लत होने के चलते अब नगर निगम एक दूसरे के क्षेत्र में अपना कूड़ा डालने की अनुमति मांगने लगी है। इस कड़ी में गाजियाबाद नगर निगम ने पत्र भेजकर मेरठ निगम से अपने परिक्षेत्र में 200 टन कूड़ा प्रतिदिन डलवाने की अनुमति मांगी है। इस पर नगर आयुक्त मनोज कुमार चौहान का कहना है कि पत्र में 200 टन कूड़े को यहां के डंपिंग ग्राउंड में डलवाने की अनुमति मांगी गई है, लेकिन यहां की स्थिति पहले से ही खराब है। यहां के डंपिंग ग्राउंड भरने पर लोग कूड़ा डाले जाने का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में गाजियाबाद केे कूड़े को अपने यहां कैसे डलवाया जा सकता है। इस बारे में अभी तक पत्र का जवाब नहीं दिया गया है। जल्द ही विचार विमर्श करके पत्र का जवाब भेज दिया जाएगा।
शहर की बीच आबादी बने हैं कूड़े के पहाड़
शहर से रोजना करीब 800 टन कूड़ा निकलता है। नगर निगम के डंपिंग ग्राउंड अब शहर की बढ़ती आबादी के बीच आ गए हैं। मंगतपुरम में कूड़े का अच्छा खास पहाड़ हो गया है। इससे उठने वाली दुर्गंध से आबादी का सांस लेना दूभर हो गया है। लोगों के विरोध के बाद यहां कूड़ा डालना बंद तो हो गया है लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कूड़े के पहाड़ का निस्तारण नहीं हो सका है।
गांवड़ी में भी हो रहा कूड़ा डालने का विरोध
गांव गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट बनना प्रस्तावित है। यहां के डंपिंग ग्राउंड में निगम कूड़ा डाल रहा है। कूड़ा निस्तारण प्लांट नहीं बनने से गुस्साए यहां के लोग कूड़ा डाले जाने का विरोध कर रहे हैं। लंबे समय से कूड़ा निस्तारण प्लांट का काम अटका पड़ा है।