मेरठ/खरखौदा। नरहाड़ा-चंदसारा संपर्क मार्ग पर शुक्रवार को रेलवे का अंडरपास भारी बारिश से तालाब में तब्दील हो गया। इस दौरान यहां स्कूल बस फंसने से 22 छात्रों की जान मुश्किल में फंस गई। बच्चों की चीख पुकार सुनकर पूरा गांव मदद को दौड़ पड़ा। काफी प्रयासों के बाद उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया।
खरखौदा क्षेत्र में हापुड़ रोड स्थितफफूंडा गांव के एनकेबीआर एकेडमी की बस शुक्रवार सुबह 11 बजे छुट्टी के बाद बच्चों को उनके गांवों में छोड़ने जा रही थी। पुलिस के अनुसार बस में नर्सरी से कक्षा 10 तक के 22 छात्र- छात्राएं सवार थे। इनमें 19 बच्चे चंदसारा गांव के थे। चंदसारा-नरहाड़ा संपर्क मार्ग पर चंदसारा हाल्ट के पास अंडरपास में बरसात का पानी भरा था। लेकिन जब बस वहां पहुंची तो चालक उसकी गहराई का अनुमान नहीं लगा सका। जैसे ही बस अंदर घुसी तो पानी में फंसकर बंद हो गई। कुछ ही देर में आसपास के खेतों का पानी भी अंडरपास में भरने लगा। बस को डूबता देख चालक सुरेंद्र और उसके सहयोगी के अलावा बच्चों में चीख पुकार मच गई।
यह खबर चंदसारा गांव में पहुंची तो पूरा गांव मदद के लिए मौके पर पहुंच गया। चंदसारा निवासी सरताज सहित दर्जनों ग्रामीणों ने दिलेरी दिखाई और गहरे पानी में उतरकर बस में फंसे छात्रों और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्चों को बाहर निकालने के बाद अंडरपास में लगातार आ रहे पानी में बस डूब गई। केवल उसकी छत ही नजर आ रही थी। बाद में ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों की मदद से खाली बस को निकाला।
बस में सवार विद्यार्थी
कक्षा 10 की छात्रा कनिष्का के अनुसार स्कूल बस में तुषार, मनन, अभिनव, तनिष्क, कुणाल, यश, कर्ण, प्रियांशी, मनीष, हर्ष, मोनू, दिव्या, नोनू, ताशू, युग ,युगिका, अपूर्वी, वरुण, नंदनी, अभिषेक, आकाश समेत 22 छात्र-छात्राएं थे।
पुलिस तो सीमा विवाद में ही फंसी रही
मेरठ। बस में 22 मासूमों की जान फंसी थी। लेकिन खरखौदा और परतापुर इसे एक-दूसरे थाना क्षेत्र का मामला बताकर बचती रही। दरअसल जिस जगह बस फंसी, वह परतापुर और खरखौदा थाना क्षेत्र का बॉर्डर है। इस हादसे के बाद ग्रामीण ही मदद के लिए पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बच्चों को सुरक्षित निकाला जा सका। इसके बाद परतापुर पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे की सूचना और यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी खरखौदा पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इसके चलते मौके पर पहुंची परतापुर पुलिस इसे खरखौदा थाने का मामला बताती रही। वहीं इसे परतापुर क्षेत्र का मामला बताने वाली खरखौदा पुलिस उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचने पर मौके पर पहुंची। इस घटना के बाद अभिभावकों में इस बात को नाराजगी थी कि दो घंटे बाद तक भी सरकारी तौर पर कोई मदद नहीं मिली। यदि ग्रामीण बच्चों को निकालने में सफल नहीं होते तो क्या होता।
मौके पर पहुंच गए थे
सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे। वहां जाकर पता चला कि घटनास्थल खरखौदा क्षेत्र में पड़ता है। हमने अपने स्तर से हरसंभव प्रयास किया। ग्रामीणों ने बेहतर प्रयास कर सभी छात्रों को सकुशल निकाला। -जीएस त्रिपाठी इंस्पेक्टर परतापुर
तहरीर पर करेंगे कार्रवाई
इस मामले में किसी ने शिकायत नहीं की है। यदि तहरीर आती है तो बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लग रहा है कि अंडरपास में आसपास के खेतों का पानी घुसा है। -राजेंद्र त्यागी इंस्पेक्टर खरखौदा
चालक की नहीं गलती
बस पहुंचने से कुछ देर पहले अंडरपास में करीब 3-4 फीट पानी था। चालक ने पानी में बस घुसायी तो अचानक से ही कहीं से पानी का तेज बहाव आया। संभवतया कोई बंबा टूटा हो या खेतों का पानी आया हो। इसमें चालक की कोई गलती नहीं है। -सीपी गर्ग, स्कूल प्रबंधक