मेरठ। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू हुए एक साल हो गया है। लेकिन अभी भी वाणिज्य कर विभाग के पास इस तरह की शिकायतें आ रही हैं कि जनता को जीएसटी को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि अभी भी ऐसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठान हैं जिनमें जीएसटी आधारित बिल नहीं काटे जा रहे हैं। लिहाजा वाणिज्य कर विभाग को 31 अगस्त तक अभियान चलाने की हिदायत दी गई है।
विभागीय अफसर एक करोड़ से कम सालाना टर्नओवर वाले व्यापारिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों का खुद जाकर निरीक्षण करेंगे। टैक्स चोरी रोकने और वसूली बढ़ाने के लिए व्यापारियों से बात करेंगे। पूछा जाएगा कि अगर वह समय पर रिटर्न नहीं भरते तो क्यों नहीं भरते। इसकी क्या वजहें हैं। उन्हें जीएसटी को लेकर किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं आ रही है। कोई तकनीकी दिक्कत तो नहीं है। ‘वाणिज्य कर विभाग आपके द्वार’ नाम के इस अभियान में अगर अधिकारी जवाब से संतुष्ट नहीं होते हैं तो ऐसे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सूचीबद्ध किया जाएगा। वाणिज्य कर के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा ने बताया कि समाधान योजना अपनाने के बाद भी काफी ऐसे व्यापारी हैं, जो रिटर्न दाखिल नहीं कर कर रहे हैं। सरकार ने समाधान योजना इसलिए लागू की थी कि एक करोड़ तक के सालाना टर्न ओवर वाले व्यापारी समाधान योजना का लाभ ले सकें।
पोर्टल पर किया जाएगा अपलोड
प्रतिष्ठान का निरीक्षण और व्यापारी से बातचीत करने के बाद जो भी जानकारी मिलेगी, उसे जीएसटी पोर्टल पर अपलोड भी किया जाएगा। इस दौरान ईवे बिल डाउनलोड करने और जीएसटी से संबंधित अन्य जानकारी भी दी जाएंगी। इसके अलावा हर माह में करीब दो शिविर लगाने की भी तैयारी चल रही है, ताकि जीएसटी को लेकर व्यापारी को किसी तरह की परेशानी न हो और कोई सवाल न रहे।
खास बातें
- व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर जाएगी वाणिज्य कर विभाग की टीम
- व्यापारियों से करेगी बात, पूछा जाएगा समय पर क्यों नहीं भरते रिटर्न