बागपत। उपचुनाव भले ही कैराना में हो, लेकिन सियासी तूफान बागपत में बागपत में भी उठ रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर सीएम योगी आदित्य नाथ रमाला आए थे और इस बार चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर खुद पीएम खेकड़ा में होंगे। यहां की सियासी जमीन पर पकड़ बनाए रखने की कोशिश हो रही है। छपरौली से रालोद विधायक रहे सहेंद्र सिंह रमाला, पार्टी प्रवक्ता साहब सिंह और रालोद के जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रदीप सिंह भाजपा में शामिल हो चुके हैं। चर्चा यह भी है कि कुछ और लोग भी पाला बदल भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
पिछले कुछ महीनों की सियासत की एक-एक कड़ी जोड़कर देखें तो भाजपा बागपत में सधी चाल चल रही है। पिछले वर्ष 23 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर खुद सीएम योगी आदित्य नाथ रमाला पहुंचे और चीनी मिल के विस्तारीकरण का एलान किया । अब बड़े चौधरी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं, भले ही मौका एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन का है लेकिन असल मकसद 2019 में होने वाले चुनाव के समीकरण साधना भी है। यहीं से आसपास के जिलों को भी संदेश जाएगा। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने रालोद की घेराबंदी शुरू कर दी है। रालोद ने लोकसभा में अपना खाता खोलने के लिए सपा विधायक नाहिद हसन की मां पूर्व सांसद तबस्सुम को बतौर उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारकर यह संदेश दिया है कि साल 2019 में वह महा गठबंधन में शामिल होने के लिए किसी हद तक जाने से पीछे नहीं हटेंगे। यही वजह है कि रालोद ने अपनी पूरी ताक कैराना में झोंक दी है।