गीत, संगीत ही नहीं, कैटवॉक में भी पीछे नहीं दिव्यांग
मेरठ। दिव्यांगों में छिपी प्रतिभाआें को सामने लाने के लिए केवल मंच चाहिए। जहां दिव्यांग मनमोहक संगीत बजा सकते हैं वहीं गीत गाने में पीछे नहीं हैं। यह हकीकत शुक्रवार को नौचंदी मेला स्थित पटेल मंडप में आयोजित गीत संगीत कार्यक्रम में देखने को मिली। दिव्यागों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समा बांध दिया। पटेल मंडप श्रोताओं की तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम दिव्यांग जन विकास समिति द्वारा आयोजित किया गया। जिसमें नृत्य करने और कैटवॉक करने से लेकर गीत गाने वाले भी दिव्यांग ही रहे। श्रोताओं ने दिव्यांग कलाकारों की कला को बखूबी सराहा। कार्यक्रम के प्रारंभ में आरिफ ने गणेश वंदना की वहीं अनुज शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करके भक्ति का संदेश दिया। वहीं चंद्रा सागर ने तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है गीत गाकर खूब तालियां बटोरी। अरुण शर्मा ने अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरते हुए गीत गाया कि दिल की ये आरजू थी.., कोई दिल रुबा मिले। गिरिराज माहेश्वरी ने यूं गाया कि मैं हूं गोविंदा गोकुल वाला..., अनुज शर्मा ने यूं गाया कि तेरे जैसा यार कहां..., जितेंद्र पटेल ने- ऐ मेरे दोस्त लौट के आ जा..., गीत गाया। मुकेश कुमार और सुनील अग्रवाल ने मंच पर कैटवॉक किया। सागर शर्मा ने पेंटिंग बनाकर सभी दर्शकों को आश्चर्य चकित कर दिया। कार्यक्रम का संचालन सुनील शर्मा ने किया। संस्था के अध्यक्ष नितिन माहेश्वरी, लियाकत अली, अमित शर्मा, सुनील, मनोज, गुलजार सैफी और महेश आदि मुख्य रहे।
खास बातें:
दिव्यांगों का पटेल मंडप में गीत संगीत कार्यक्रम