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मरीजों को रही असुविधा, फिर बच गया बजट का पैसा

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सालभर बजट नहीं सुविधाओं की रही कमी
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मेरठ। एक तरफ जहां मरीज सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में दवाओं और अन्य सुविधाओं के लिए परेशान हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बजट में मिली पूरी धनराशि खर्च भी नहीं कर पाया। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन अफसर बजट को खर्च करने के लिए दिनभर लगे रहे।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके गर्ग ने बताया कि उनके यहां लगभग पूरा पैसा खर्च कर दिया गया है। दवाओं का बजट पूरा खर्च हो गया है। सूत्रों का कहना है कि यहां भी पांच छह लाख रुपये बचा है। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल ने बताया कि उनके यहां भी अधिकांश पैसा खर्च हो गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ पैसा बच गया है। वहीं, सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि उनके यहां एक-दो मद में कुछ पैसा बचा है, जिसे फिर से बजट में शामिल करा लिया जाएगा।
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दो करोड़ की और दवाएं आईं
मेडिकल कॉलेज में दो करोड़ रुपये की दवाइयां और आ गई हैं। हाल ही में यहां एक करोड़ रुपये की दवाइयां आई थीं। अब मरीजों को दवाओं के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

खास बातें:
- जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में बजट में से बचे कई लाख रुपये
- बजट खर्च करने के लिए दिनभर लगे रहे अफसर-कर्मचारी
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