मेरठ। अवैध गन्ना खरीद को लेकर गन्ना विभाग सख्त हो गया है। गन्ना आयुक्त ने अवैध गन्ना खरीद माफिया और संबंधित मिल प्रबंधन के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 के तहत कार्रवाई करने के निदेश दिए हैं। उप गन्ना आयुक्त ने आदेश की कापी सभी जिला गन्ना अधिकारियों को भेज दी है।
गन्ना पेराई सत्र शुरू होते ही अवैध गन्ना खरीद भी चालू हो जाती है। गन्ना माफिया मिल प्रबंधन से सेटिंग करके लाचार किसानों का गन्ना कम दामों में खरीदकर मिलों को आपूर्ति करते हैं। यह गन्ना मिल क्षेत्र के अलावा दूसरी मिल क्षेत्रों से और राज्य के बाहर से भी तस्करी करके लाया जाता है। हरियाणा के सीमावर्ती जिलों में यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। इस बार गन्ने से अच्छी रिकवरी आने से मिलों में गन्ना झटकने की होड़ लगी है। शुगर मिलें ज्यादा से ज्यादा गन्ना पेराई कर अधिक से अधिक चीनी का उत्पादन करना चाह रही है। इसके चलते प्रदेश में गन्ना माफिया भी सर उठा रहा है। इसे देखते हुए गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने प्रदेश के सभी उप गन्ना आयुक्तों को इस पर लगाम लगाने और माफिया के साथ ही इस धंधे में शामिल मिल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने बताया कि कानून के मुताबिक दोषियों को तीन माह की जेल हो सकती है। आदेश की कापी सभी जिला गन्ना अधिकारियों को भेजकर कार्रवाई के निर्देेश दे दिए गए हैं।