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आवास-विकास ने रौंद डाली 60 एकड़ खड़ी फसल

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मेरठ। आवास-विकास के अफसरों ने रविवार को अवकाश के दिन घोसीपुर के किसानों की करीब 60 एकड़ खड़ी फसल रौंद डाली। सुबह नौ बजे से मध्याह्न तीन बजे तक चली इस कार्रवाई के दौरान आवास विकास और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के अलावा जिले के कई थानों का पुलिस बल मौजूद रहा। 15 ट्रैक्टरों और तीन जेसीबी की सहायता से आवास-विकास ने करीब 25 लाख की फसल तबाह कर जमीन पर कब्जा ले लिया।
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यह है मामला
करीब 9 साल पहले किसानों की जमीन आवास विकास द्वारा एक हजार रुपये वर्ग मीटर के हिसाब के खरीदी गई थी। जिसके बाद आवास विकास ने घोसीपुर के किसानों को 666 प्रति वर्ग मीटर से प्रतिकर बढ़ाकर भी दिया। आवास विकास अधिकारियों के अनुसार प्रतिकर बढ़ाकर देने के बाद भी किसान जमीन खाली नहीं कर रहे थे। जमीन पर किसान लगातार खेती कर रहे थे। जमीन खाली कराने को लेकर किसानों को कई बार आवास विकास ने नोटिस भी जारी किया। लेकिन किसान जमीन खाली नहीं कर रहे थे। लेकिन आवास-विकास परिषद ने जागृति विहार विस्तार योजना-11 के लिए काजीपुर और घोसीपुर के किसानों से कब्जे लेने की कार्रवाई जारी रखी।
मौके पर पहुंचा अमला
रविवार को संयुक्त आवास आयुक्त महेंद्र प्रसाद, एडीएम सिटी मुकेश चंद, सिटी मजिस्ट्रेट एमपी सिंह, एसपी सिटी मान सिंह चौहान, एसपी देहात राजेश कुमार, सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला, सीओ सिविल लाइन चक्रपाणि त्रिपाठी सहित दस थानोें की फोर्स मौके पर पहुंची।
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किसान घर पर थे, चल गया बुलडोजर
रविवार को घोसीपुर के अधिकतर किसान घर थे। उनकी गैर मौजूदगी में ही आवास विकास अधिकारियों ने फसलों पर बुलडोजर और ट्रैक्टर चलवा दिया। किसानों को पता चला तो वो आनन फानन में खेतों की तरफ दौडे़। लेकिन तब तक आवास विकास के 15 ट्रैक्टर और 3 जेसीबी फसलों को नष्ट कर चुके थे। किसानों के विरोध के बाद भी अधिकारियों ने करीब 60 एकड़ जमीन पर खड़ी फसल पर ट्रैक्टर और बुलडोजर चलवा दिया।
25 लाख की फसल नष्ट
किसान नीरज और बब्लू ने बताया कि करीब 25 लाख की फसल नष्ट हो गई है। जमीन में आलू, बंद गोभी और पशुओं का चारा सहित अन्य सब्जियां बो रखी थी। उन्हें किसी ने बताया नहीं और फसलों को बर्बाद कर दिया गया। किसानों का कहना है कि अब फसल की कीमत तो क्या कोई लागत भी नहीं देगा।
जमीन बोने देते हैं फिर कार्रवाई क्यों
घोसीपुर के किसानों ने आरोप लगाया कि वे जमीन बोने के लिए अधिकारियों को पैसेे देते हैं। पैसे देने के बाद भी हमारी फसलों को नष्ट कर दिया। कई वर्षों से अधिकारियों को मोटी रकम देकर फसलों को बोने की अनुमति ले रहे थे। किसानोें के अनुसार वो अधिकारी आज मौके पर होते, तो उनकी पोल खुल जाती।
आरोपों पर होगी जांच
संयुक्त आवास आयुक्त महेंद्र प्रसाद का कहना है कि विभागीय अधिकारियों पर किसान पैसे लेकर फसल बोने का आरोप लगा रहे हैं, तो मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। किसानों की जमीन बहुत समय से आवास विकास के पास है। किसानों को फसल काटने को दो दिन का समय भी दिया गया था। गांवों के किसानों के लिए मुनादी भी की गई। जिसके बाद भी किसानों ने फसल नहीं काटी। विभाग को किसानोें से पूरी हमदर्दी है। लेकिन इसके अलावा विभाग के पास कोई उपाय नहीं था।
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- 06 घंटे चली कार्रवाई, 15 ट्रैक्टर और 03 जेसीबी लगीं, जमीन पर लिया कब्जा
- घोसीपुर के किसानों से जमीन खाली कराने को लेकर चल रहा अर्से से विवाद
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