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रक्षाबंधन पर भीड़ के आगे बे-बस हुआ रोडवेज निगम

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मेरठ। रक्षाबंधन पर भारी भीड़ के आगे रोडवेज बे-बस हो गया। रोडवेज के तमाम दावे हवा-हवाई साबित हुए। यात्री बस अड्डों पर घंटो तक बसें नहीं मिलने से परेशान होते रहे। अतिरिक्त बसों की व्यवस्था कहीं नजर नहीं आई। अधिकारियों ने बसें नहीं मिलने का कारण बसों के जाम में फंसा होना बताया। भैसाली से लेकर सोहराब गेट तक यही हाल रहा। वहीं, ट्रेनों में भी भारी भीड़ रही।
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रक्षाबंधन के लिए रोडवेज ने महिलाओं को मुफ्त सफर से लेकर 175 अतिरिक्त बसें लगाने जैसी घोषणाएं की थीं। बसों का सही संचालन और निगरानी के लिए छह रूटों पर चैक पोस्ट स्थापित की गई है। लेकिन सोमवार को त्यौहार पर निकली भारी भीड़ के आगे पूर्व की भांति इस बार भी रोडवेज के दावों की पोल खुल गई। सुबह से लेकर शाम तक यात्री परेशान होते रहे। भैसाली बस अड्डे पर न बैठने की सुविधा है न ही खड़े होने की। अड्डा परिसर में बारिश का पानी भरा है। लोगों को बस में बैठने के लिए पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा।
सुबह सात बजे जा चुकी थीं बसें
तड़के चार बजे से ही बसें यात्रियों को लेकर निकलने लगी थीं। सुबह सात बजे तक लगभग सभी बसें अड्डे से जा चुकी थीं। अब वापसी में आने वाली बसों पर ही भीड़ को ले जाने का दारोमदार था। लेकिन बसें आने में काफी देर लग रही थी। जो भी बस अड्डे पर आती थी तो भीड़ टूट पड़ती। खिड़की से लेकर शीशों तक से यात्री बैठ रहे थे। मिनटों में बस भरती रही। ये हाल शाम तक चलता रहा।
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जाम में अटकीं रहीं बसें
भीड़ के चलते रूटों पर भारी जाम रहा। सबसे ज्यादा व्यस्त दिल्ली रूट पर मोदीनगर में लंबा जाम लगा रहा। दिल्ली-मेरठ के बीच चलने वाली बसें मोदीनगर में अटकी रहीं। यात्री घंटों तक भैसाली अड्डे पर बसों का इंतजार करते रहे। सबसे ज्यादा भीड़ दिल्ली, बिजनौर, बागपत, बड़ौत, हापुड़ व मुजफ्फरनगर रूट की बसों में रही। इन रूटों पर जाम लगने से बसों का संचालन प्रभावित हुआ। आरएम रोडवेज एसके बनर्जी ने बताया कि सभी रूटों पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई थी। रक्षाबंधन अभियान में कुल 175 अतिरिक्त बसे लगाई गई हैं। अभियान दस अगस्त तक चलेगा। रूट पर जाम में फंसने के कारण बसें आने में देरी हुई। इसके चलते ही लोगों को बसों का इंतजार करना पड़ा। निरंतर संचालन के लिए बसों का वापसी में आना भी तो जरूरी है।
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खास बात
- यात्री करते रहे बसों का इंतजार, घंटो तक नहीं मिली बस
- अधिकारी बताते रहे जाम में बसों के फंसने का कारण, नहीं हुई अतिरिक्त बसों की व्यवस्था
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