अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विवि लखनऊ ने निर्देश किए जारी
मेरठ। मेडिकल कोर्सों के 70 से अधिक कॉलेज सीसीएसयू से अलग हो गए हैं। अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विवि लखनऊ ने सभी मेडिकल-पैरा मेडिकल कॉलेजों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इन कॉलेजों में परीक्षा आदि का संचालन अटल बिहारी वाजपेयी विवि से ही होगा। एक फरवरी से होने वाली एमबीबीएस-एमएस-एमडी परीक्षाओं पर भी संशय हो गया है कि उनका संचालन कौन सा विवि कराएगा।
सीसीएसयू से सात मेडिकल कॉलेज संबद्ध हैं। छह बीडीएस, 25 नर्सिंग और 12 पैरा मेडिकल कॉलेज हैं। 11 आयुर्वेद और दो यूनानी के कॉलेज हैं। इनमें एमबीबीएस, एमडी, एमएस, बीडीएस, नर्सिंग समेत कई कोर्स संचालित होते हैं। इन सभी की संबद्धता अभी तक सीसीएसयू से होने के कारण परीक्षाएं यहीं से संचालित की जाती हैं। अब ये सारे कार्य अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विवि से ही होंगे। मेडिकल कॉलेज अलग होने से सीसीएसयू को काफी राहत मिलेगी। सबसे ज्यादा नकल को लेकर इन्हीं परीक्षाओं में निगरानी रही थी। संबद्घता के लिए भी इन कॉलेजों की तरफ से अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विवि से ही आवेदन करना होगा।
प्रदेश के सभी राज्य विवि को इस संबंध में निर्देश भेजे गए हैं। पूरे प्रदेश के सभी मेडिकल और पैरा मेडिकल कॉलेज अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विवि से ही संबद्ध होंगे। विवि की तरफ से यह भी स्पष्ट किया गया है कि अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा संस्थान 15 अक्तूबर 2020 से मान्य है। अटल बिहारी वाजपेयी विवि की तरफ से तत्काल सभी विवि को मेडिकल कोर्सों वाले कालेजों की संबद्धता उनके यहां से होने की बाबत पत्र भेजा है। ऐसे में अब मेडिकल की एक फरवरी से होने वाली परीक्षाएं कौन आयोजित कराएगा, इसको लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है।