हरेवली में 70 मुर्गियां मरीं, बर्ड फ्लू की आशंका से मचा हड़कंप
हरेवली (बिजनौर)। गांव हरेवली में 70 मुर्गियों के मरने से हड़कंप मच गया है। बर्ड की फ्लू की आशंका से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना पर पशु चिकित्सा विभाग की टीमें मौके पर पहुंची और मौत की वजह जानने के लिए मृत मुर्गी का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। गांव बसेड़ा खुर्द में भी सोमवार को दो कौवों के मृत मिले हैं।
हरेवली के राजकुमार व सुरेंद्र सिंह ने घर पर ही 400 मुर्गियां पाल रखी हैं। राजकुमार ने बताया कि सोमवार सुबह उन्होंने मुर्गियों और मुर्गों के पैरों पर सूजन और मुंह लाल होता देखा, कुछ देर बाद कई मुर्गियों के मुंह से पानी आने लगा और कुछ देर तड़फने के बाद वह मरने लगी। 10 मिनट के अंतराल में करीब 70 मुर्गियों की मौत हो गई। काफी संख्या में मुर्गियां और मुर्गे बीमारी से ग्रस्त हैं। अफजलगढ़ पशु चिकित्सा अधिकारी धीरेंद्र सिंह का कहना है कि मृत मुर्गी का पोस्टमार्टम करने के बाद ही मुर्गियों की मौत वजह पता चल सकेगी।
बोले ग्रामीण, पहली बार इस तरह से मरते देखें परिंदे
एक मृत मुर्गी का पोस्टमार्टम कराया, अन्य को गड्ढा खोदकर दबवाया
पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने एक मृत मुर्गी को कब्जे में लेकर पीएम के बाद मौत के कारणों का पता लगाने का दिया भरोसा
फोटो समाचार दस
हरेवली। पिछले करीब एक सप्ताह से मुर्गियों, कौवों के मरने का सिलसिला चल रहा है। सोमवार को गांव हरेवली में राजकुमार और सुरेंद्र की करीब 70 मुर्गियों की मौत हो गई। बर्ड फ्लू की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस प्रकार से इस बार पक्षियों की मौत हो रही है। पहले कभी नहीं हुई है। अधिकारी ठंड से मौत होने को वजह बताकर पीछा छुड़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
अचानक गांव में मुर्गियों की मौत से ग्रामीणों में बर्ड फ्लू की आशंका से दहशत है। ग्रामीणों की सूचना पर गांव में पहुंचे अफजलगढ़ पशु चिकित्सा अधिकारी धीरेंद्र सिंह ने मरी पड़ी मुर्गियों को देखा। उन्होंने ग्रामीणों को एक मृत मुर्गी का पोस्टमार्टम कर मौत के कारण पता लगाने का भरोसा दिया है। बाकी मृत मुर्गियों को अधिकारियों ने गड्ढ़ा खोदवाकर मरीं मुर्गियों को दबवा दिया है। ग्रामीण महेंद्र सिंह, राकेश कुमार, दिनेश कुमार, जयपाल सिंह आदि का कहना है कि पिछले काफी दिनों से क्षेत्र में पक्षियों की मौत हो रही हैं। अबकी बार पक्षियों को तड़प तड़प कर मरते देखा जा रहा है। कभी पहले ऐसा होता नहीं देखा गया। ठंड तो हर बार आती है।