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जीपीएस से होगा शत प्रतिशत गन्ने का सर्वे: उप गन्ना आयुक्त

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‘जीपीएस से होगा शत प्रतिशत गन्ने का सर्वे’
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- उप गन्ना आयुक्त ने पेराई सत्र 2019-20 के गन्ना सर्वेक्षण के लिए की बैठक
- जीपीएस के माध्यम से किसानों को खेत पर ही देनी होगी खेत की माप पर्ची
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। गन्ना विभाग ने शासन के दिशा निर्देश पर पेराई सत्र 2019-20 का गन्ना सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। सोमवार को उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने गन्ना सर्वे को लेकर पांडव नगर स्थित गन्ना भवन में समीक्षा बैठक ली।
मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त ने पिछले दिनों पेराई सत्र 2019-20 के लिए गन्ना सर्वेक्षण नीति जारी की थी। इसकी शुरूआत 5 मई से हो गई है। सर्वे 30 जून तक पूरा करना है। नीति के अनुसार शत प्रतिशत गन्ना सर्वे जीपीएस के जरिये किया जाएगा और किसानों को अपने गन्ना क्षेत्रफल के संबंध में घोषणा पत्र भरकर देना होगा। घोषणा पत्र नहीं भरने पर सट्टा संचालित नहीं किया जाएगा। घोषणा पत्र के साथ किसानों को आधार कार्ड भी देना होगा। आधार कार्ड नहीं होने की स्थिति में मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा बैंक पासबुक और जनसुविधा केंद्र से प्राप्त राजस्व खतौनी भी देनी होगी। सर्वे के लिए प्रत्येक मिल क्षेत्र में संयुक्त टीम गठित होगी, जिसमें गन्ना समिति कर्मियों के साथ चीनी मिल कर्मचारी भी नामित होंगे। सर्वे टीम, प्रभारी का नाम एवं मोबाइल नंबर मिल की वेबसाइट पर भी होगा। एसएमएस से किसानों को जानकारी दी जाएगी।
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सर्वेक्षण कार्य में हैंड हैल्ड कंप्यूटर और एंड्रायड बेस्ड मशीन का प्रयोग किया जाएगा। हरपाल सिंह ने बताया कि शत प्रतिशत सर्वे जीपीएस द्वारा किया जाएगा। मौके पर ही किसान को उसके खेत की माप की पर्ची दी जाएगी। सर्वे के दौरान गन्ना समिति के नए या वारिस सदस्य बनने हेतु किसान आवेदन दे सकेंगे। बैठक में शामिल मंडल के सभी जिला गन्ना अधिकारियों, गन्ना सर्वे में लगे कर्मियों और मिल अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि टीमों द्वारा किए जाने वाले सर्वे की रिपोर्ट रोजाना देनी होगी। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर तक बनने वाले नए सदस्य ही पेराई सत्र 2019-20 में गन्ना आपूर्ति के पात्र होंगे। इसके साथ किसानों से उपज बढ़ोतरी के प्रार्थनापत्र निर्धारित शुल्क के साथ 30 सितंबर तक लिए जाएंगे।
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