किसानों के मुंह मोड़ने पर बंद हो गए कई कोल्ड स्टोरेज
अमर उजाला ब्यूरो
माछरा/मुंडाली। क्षेत्र में जैसे-जैसे गन्ने की मिठास बढ़ रही है। वैसे ही कोल्ड स्टोरेज उद्योग चौपट होता जा रहा है। गन्ने की पैदावार बढ़ने का सीधा असर आलू की खेती पर पड़ रहा है। आलू का उत्पादन भी प्रतिवर्ष घट रहा है। जिसके चलते आलू भंडारण के लिए बने कोल्ड स्टोरेज धीरे-धीरे बंद होने लगे हैं। आलू में लागत भी अधिक आती है। इसके चलते आलू की खेती से किसान का मोहभंग होता जा रहा है।
माछरा, रजपुरा, खरखौदा क्षेत्र में कुछ समय पूर्व आलू की खेती का बोलबाला था। उस समय उद्यान विभाग द्वारा चलाई गई योजना में मिलने वाले ऋण और अनुदान का लाभ उठाते हुए उद्यमियों ने आलू भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज खोले थे। तभी क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज की संख्या बढ़ी थी परंतु आलू की बुवाई से लेकर खुदाई और कोल्ड स्टोरेज में भंडारण तक काफी खर्च आने लगा। वहीं, आलू की कीमत गिरती गई। कई बार ऐसा हुआ कि आलू कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू की कीमत इतनी गिर गई कि बिक्री के बाद भी कोल्ड स्टोरेज का किराया तक नहीं दिया गया। इसके चलते कई किसान आलू कोल्ड स्टोरेज में छोड़ गया। उसमें जहां किसान को नुकसान हुआ वहीं, कोल्ड स्टोरेज मालिकों को भारी नुकसान हुआ। उसे किसान द्वारा कोल्ड स्टोरेज में छोडे़ गए आलू के बोरे बाहर फेंकने पडे़। जब बाजार में भी उसकी बिक्री नहीं हुई। इसलिए किसान आलू की खेती से मुंह मोड़ता गया। किसान आलू के बजाय ग्रीन गोल्ड गन्ने की खेती पसंद करने लगे। इसमें मेहनत और लागत कम है। उर्वरक बीज, खाद, बिजली एवं डीजल महंगा होने का असर आलू की खेती पर पड़ा। इस क्षेत्र में नंगलामल शुगर मिल लग जाने से किसानों का गन्ना शुगर मिल पर जाने लगा तथा एक निर्धारित गन्ना मूल्य भी तय होने लगा किसान ने समझा इस मूल्य पर गन्ना चला जाएगा।
बंद हो गए कोल्ड स्टोर :- मेरठ-हापुड़ मार्ग स्थित सिराज कोल्ड स्टोरेज, एजाजुद्दीन चांद, सहकारी कोल्ड स्टोरेज, नंगली किठौर आदि कोल्ड स्टोरेज बंद हो गए। उद्यान निरीक्षक ने बताया कि यहां पर मुख्यत: कोल्ड स्टोरेज मे आलू का ही भंडारण होता है, लेकिन आलू का उत्पादन गिरने से यह घाटे का सौदा साबित हुआ। मंडी में भी आलू का उचित मूल्य नहीं मिलता है और सारा लाभ बिचौलिये उठा लेते हैं।
वहीं, जिला उद्यान अधिकारी रामवीर सिंह का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज के लिए कोई विशेष योजना नहीं आई है। जिससे कोल्ड स्टोरेज मालिक को विशेष लाभ हो जाए तथा भंडारण का किराया भी निश्चित है। इससे ज्यादा नहीं ले सकते हैं।