हवाई उड़ान का मसौदा तैयार, कल घोषणा संभव
- जूम एयरवेज को ही मिल रही मेरठ से उड़ान की जिम्मेदारी
- इस माह जमीन उपलब्ध कराने के बाद भी छह माह लगेंगे हवाई उड़ान में
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
शहर से हवाई उड़ान का मसौदा लगभग तैयार हो चुका है। छह मार्च को एएआई विधिवत मेरठ से उड़ान की घोषणा भी कर सकती है। क्षेत्रीय हवाई उड़ान योजना के तहत मेरठ से लखनऊ और प्रयागराज के लिए उड़ान शुरू की जाएगी। घोषणा के बाद यदि तेजी से काम हुआ तो भी उड़ान में छह माह का समय लगने की बात कही जा रही है। क्याेंकि इसके लिए सबसे पहले रनवे को बढ़ाया जायेगा। कंट्रोल रूम सहित अन्य संसाधन तैयार करने में भी समय लगेगा।
प्रदेश सरकार को खरीदनी होगी जमीन
डा. भीमराव आंबेडकर हवाई पट्टी से उड़ान होगी। एएआई सूत्रों के अनुसार वर्तमान में हवाई पट्टी 1513 मीटर है, लेकिन एएआई यहां से एटीआर-72 की उड़ान के लिए हवाई पट्टी तैयार करना चाहता है, ताकि भविष्य में हवाई उड़ान को बिना किसी बाधा के विस्तार दिया जा सके। ऐसे में हवाई पट्टी को लगभग 2000 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा किया जाएगा। चौड़ाई के दोनों तरफ 75-75 मीटर जमीन खाली छोड़ी जाएगी। ऐसे में हवाई पट्टी विस्तार के लिए लगभग 84 हजार वर्ग मीटर जमीन की जरूरत होगी। किसानों से जमीन का रेट 5800 रुपये प्रति वर्ग मीटर पहले ही तय हो चुका है। इसके लिए प्रदेश सरकार को करीब 49 करोड़ रुपये देने होंगे। हवाई पट्टी के अलावा कंट्रोल रूम, टर्मिनल, सुरक्षा बलों के रहने, चिकित्सा आदि सुविधाओं के लिए भी अलग से जमीन की जरूरत पड़ेगी।
प्रदेश सरकार पैसा देने को तैयार
जमीन की पैमाइश होने के बाद जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर प्रदेश सरकार पैसा जारी कर देगी। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि हवाई उड़ान के लिए उनकी डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन से बात हो चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री स्वयं मेरठ से हवाई उड़ान में व्यक्तिगत रुचि दिखा रहे हैं। इसलिए पैसा कहीं बाधा नहीं बनेगा।
तकनीकी निरीक्षण करेगी टीम
हवाई उड़ान का मसौदा पूरी तरह तैयार हो चुका है। लेकिन एएआई की तकनीकी टीम हवाई पट्टी का निरीक्षण करने के साथ पैमाइश करेगी। जिससे यह पता लगाया जा सके कि हवाई पट्टी और उसके आसपास का क्षेत्र हवाई उड़ान के लिए कितना उपयुक्त है। इसके अलावा कितनी और जमीन की जरूरत है।