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एक माह में एक कदम नहीं चला प्रशासन

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एक माह पहले सड़क सुरक्षा की बैठक में डीएम ने दिए थे निर्देश
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लाइट, ब्रेकर, बैरियर और गति संकेतक में भी एक भी काम नहीं हुआ
एक साल में बीस से अधिक लोगों की जान ले चुकी है गंगनहर की पटर
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना/मेरठ। चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग (गंगनहर पटरी) पर पुलिस-प्रशासन एक माह में एक कदम भी नहीं चला। एक साल में यह पटरी मेरठ की 42 किमी लंबी सीमा में करीब बीस लोगों की जान ले चुकी है। लेकिन प्रशासन इस पटरी की जिम्मेदारी के नाम पर लापरवाह बना है। एक माह पहले डीएम ने सड़क सुरक्षा की मीटिंग में निर्देश दिए थे कि पटरी पर ब्रेकर, बैरियर, गति और दिशा संकेतक लगाने का काम शुरू कराया जाए। लेकिन सभी विभाग के अधिकारियों ने सभी दावों को हवा में उड़ा दिया।
गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग का जब से चौड़ीकरण हुआ है, तब से वाहनों की स्पीड ज्यादा होने के कारण हादसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही हैं। वाहनों की स्पीड 100 किमी प्रति घंटा से अधिक होने के कारण वाहनों की भिड़ंत होने पर या तो गंभीर हादसे में वाहन चालक व अन्य सवारियों की जान चली जाती है, या फिर वाहन टूटी रेलिंग के कारण गंगनहर में समा जाते हैं।
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एक माह पहले डीएम अनिल ढींगरा ने सड़क सुरक्षा की बैठक में पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग और पुलिस को निर्देश दिए थे कि हादसे रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं। लेकिन प्रशासन अभी तक इस मार्ग पर सड़क हादसों को रोकने की कवायद में कोई कदम नहीं उठा रहा हैं। सरधना, जानी और रोहटा क्षेत्र में सबसे अधिक हादसे गंगनहर पटरी पर हो रहे हैं।
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ये हुए बड़े हादसे
13 दिसंबर को साफ्टवेयर इंजीनियर नितिन कार समेत गंगनहर में डूब गए थे। एनडीआरएफ ने चार दिन के सर्च के बाद कार बरामद की जबकि इंजीनियर का शव दस दिन बाद गाजियाबाद क्षेत्र से मिला। 25 दिसंबर को सलावा निवासी हुकुम सिंह का परिवार कार से पिलखुवा जा रहा था। कार में हुकुम सिंह, उनका बेटा, पत्नी और पुत्रवधू समेत सात लोग सवार थे। ओवरस्पीड कार नहर में गिरने से हुकुम सिंह और पुत्रवधू समेत तीन की मौत हुई थी। जबकि परिवार की एक महिला का शव करीब 15 दिन बाद भोला झाल पर मिला था। शनिवार को फिर से जानी क्षेत्र में नहर में कार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इनके अलावा सरधना क्षेत्र में नवंबर 2018 में अनियंत्रित ट्रक नहर में गिरने से चालक की मौत हुई थी। कार सवार एक व्यक्ति की भी नहर में गिरकर मौत हुई तो सलावा गांव निवासी होमगार्ड देव की सड़क हादसे में जान गई थी। कपसाड़ के निकट टाटा मैजिक पलटने से पांच लोग घायल हो गये थे। इंस्पेक्टर सरधना के अनुसार कई बार रिपोर्ट बनाकर इस संबंध में भेजी जा चुकी हैं कि मार्ग पर पुलों पर ब्रेकर व हाइट गेट लगवाने के साथ ही टूटी रेलिंग सही कराई जाए, जिससे हादसों पर रोक लग सके।
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