खरखौदा। पर्यावरण बचाव संघर्ष समिति ने बुधवार को खरखौदा सोसायटी प्रांगण में पांचवीं जनसभा का आयोजन किया। जिसमें संघर्ष समिति अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने पिछले वर्षों में कैंसर से हुई करीब 2000 मौतों के लिए मीट फैक्टरी मालिकों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने चेताया कि यदि जनता का समर्थन मिला तो मीट फैक्टरी मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
हापुड़ रोड स्थित करीब दो दर्जन मीट फैक्टरियों द्वारा रिबोर कर जमीन में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे आसपास के क्षेत्र में नलों से दूषित पानी निकलता है। इस भूजल से क्षेत्र के लोगों में कैंसर समेत कई घातक बीमारी फैल रही हैं। जिससे आए दिन लोगों की मौत हो रही हैं। इसलिए पर्यावरण बचाव संघर्ष समिति ने डीएम से मीट फैक्टरियों का संचालक बंद कराने की मांग की थी। अब संघर्ष समिति ने जिले भर में जनसभाएं करके लोगों को जागरूक कर तीन फरवरी को जिमखाना मैदान में जनसभा आहूत की है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री तक मांग पहुंचाने का बीड़ा उठाया था। इसको लेकर बुधवार को संघर्ष समिति द्वारा खरखौदा में किसान सेवा सहकारी समिति में पांचवीं जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें कस्बा समेत करीब दस गांवों के लोग शामिल हुए। समिति अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने बताया कि करीब दस वर्षों से इन मीट फैक्टरियों के चलते क्षेत्र का भूजल पूरी तरह दूषित हो चुका है। करोडों रुपये प्रतिदिन कमाने वाले मीट व्यापारी तो बोतल बंद का पानी पीते हैं लेकिन क्षेत्र की गरीब जनता क्या करे। वह नलों के पानी पर ही निर्भर है। इससे कैंसर एवं लीवर से संबंधित बीमारियों ने पैर पसार लिये हैं। तीन फरवरी को यदि क्षेत्र की जनता का सहयोग मिला तो मीट व्यापारियों के खिलाफ 2000 हत्याओं का मामला दर्ज कराया जाएगा। वहीं, पूर्व संघ प्रचारक एवं समिति के महासचिव शक्ति मोहन ने बताया कि मीट फैक्टरी मालिक राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हैं। इसके बावजूद समिति ने बीड़ा उठाया है। इनसे बचना है तो इन्हें उखाड़ फेंकना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत चेयरमैन रमेश चंद ने की तथा संचालन ऋषिपाल ने किया। इस मौके पर रविंद्र, अतुल त्यागी कोल, महेंद्र त्यागी, भीम सिंह त्यागी, महावीर सैनी, विजय सैनी, श्रीपाल प्रधान, संदीप प्रधान बहरानपुर, महताब पहलवान, सीताराम प्रधान, राजेंद्र सहित कई लोग मौजूद रहे।
मुख्य बातें
पर्यावरण बचाव संघर्ष समिति की सोसायटी प्रांगण में पांचवीं जनसभा
मीट फैक्टरियों के खिलाफ फिर से बिगुल फूंका