पराग दुग्ध संघ का चुनाव हुआ स्थगित
मेरठ। गगोल सहकारी दुग्ध संघ (पराग) परतापुर के बोर्ड का चुनाव अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है। इसके पीछे अधिकारिक कारण चुनाव अधिकारी का बीमार होना बताया गया है। जबकि सूत्रों के अनुसार चुनाव निरस्त होने का कारण भाजपाइयों पर सपाई गुट और हाल ही में भाजपा में शामिल हुए कुछ अन्य नेताओं का भारी पड़ना है।
गगोल दुग्ध सहकारी संघ के संचालक मंडल का चुनाव मंडल स्तर पर होना है। इसमें मेरठ के साथ ही नोएडा, बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद और बागपत की दुग्ध समितियों के क्षेत्रों को शामिल करते हुए 10 प्रतिनिधि चुने जाने हैं। इन निर्वाचित प्रतिनिधियों में से ही चेयरमैन का चुनाव होना है। चार सितंबर को नामांकन के साथ चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिसमें एक तरफ जहां भाजपा में विधानसभा चुनाव से पहले शामिल हुए पूर्व एमएलसी जगत सिंह अपने भाई योगेंद्र सिंह को चेयरमैन बनाने की कवायद में जुटे थे, तो सांसद राजेंद्र अग्रवाल सहित अन्य भाजपाई अलग जुटे हुए थे। जबकि सपा नेता पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर भी अपने गुट के साथ मैदान में थे।
सूत्रों के अनुसार नामांकन के साथ ही स्थिति स्पष्ट होना शुरू हो गई थी। जिसमें शाहिद मंजूर गुट सभी पर भारी पड़ता नजर आ रहा था। लेकिन चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ती इससे पहले ही चुनाव अधिकारी बनाये गये जिला समाज कल्याण अधिकारी पारितोष श्रीवास्तव की तबियत खराब हो गयी और चुनाव को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया।
मेरठ में यहां थी सीधे जंग
मेरठ जनपद के जानी सरूरपुर क्षेत्र से पूर्व एमएलसी जगत सिंह के भाई योगेंद्र सिंह का निर्विरोध निर्वाचित होना लगभग तय हो चुका था। जबकि खरखौदा-रजपुरा क्षेत्र से सांसद राजेंद्र अग्रवाल जहां फिरेराम धनतला को चुनाव लड़ा रहे थे तो शाहिद मंजूर ने रणबीर सिंह चंदपुरा को मैदान में उतारा था। जबकि परीक्षितगढ़ माछरा क्षेत्र से विधायक दिनेश खटीक अजीत सिंह रामनगर को चुनाव लड़ा रहे हैं तो शाहिद मंजूर ने जयकार जटौला को मैदान में उतारा है। सरधना क्षेत्र से भाजपा ने प्रिया ठाकुर को प्रत्याशी बनाया तो शाहिद मंजूर ने विपिन कुमार को प्रत्याशी बनाया। सूत्रों के अनुसार शाहिद मंजूर के ये तीनों प्रत्याशी ही भाजपाइयों पर भारी पड़ रहे थे। जबकि बुलंदशहर से चुने जाने वाले दो प्रतिनिधि भी शाहिद मंजूर खेमे के आने की प्रबल संभावना को देख चुनाव स्थगित करा दिया गया।