मेरठ। शहर को नरक बनाने वाले कूड़े पर आज हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में लगने वाली फटकार से बचने के लिए नगर निगम ने आनन-फानन में टेंडर निकाल दिए हैं। टेंडर में कूड़ा निस्तारण करने की इच्छुक कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। नगर निगम ने इस आधार पर कोर्ट की फटकार से बचने की कवायद की है।
शहर के अंदर से जहां कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है, वहीं डंपिंग ग्राउंड भी कूड़े के पहाड़ में तब्दील हो गए हैं। शहर की आबादी के बीच आए कूड़े के पहाड़ों से लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। मंगतपुरम स्थित कूड़े के पहाड़ को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने हाईकोर्ट में रिट दायर कर रखी है। हाईकोर्ट में आज इस मामले की सुनवाई होनी है। कोर्ट की फटकार और कार्रवाई से बचने के लिए नगर निगम ने बृहस्पतिवार को कूड़ा निस्तारण के लिए टेंडर जारी कर दिया। टेंडर में कूड़ा निस्तारण करने की इच्छुक कंपनियों और फर्मों को आमंत्रित किया गया है। ये कंपनियां अपना प्रपोजल देकर नगर निगम की शर्तों अनुसार कूड़े का निस्तारण करेंगी। सूत्रों का कहना है कि ये सब हाईकोर्ट की कार्रवाई से बचने की कवायद है। लंबे समय से नगर निगम कूड़े का निस्तारण नहीं कर पाई है। सिर्फ दावे किए जा रहे हैं जो हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।
खास बातें:
- कूड़ा निस्तारण को लेकर आज हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
- कोर्ट की फटकार से बचने के लिए निकाले टेंडर, इच्छुक कंपनियों से मांगे प्रपोजल