मेरठ। शहर के कूड़े से बिजली, कंपोस्ट और बायोगैस बनायी जाएगी। नगर निगम द्वारा शासन को भेजी गयी डीपीआर में तीनों बिंदुओं पर मोहर लग गयी है। शासन में स्वीकृत डीपीआर से स्पष्ट हो गया है कि अब शीघ्र ही शहर के कूड़े का निस्तारण गांवड़ी में होगा। 400 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण का प्लांट लगाया जाएगा।
शहर से प्रतिदिन 800 मीट्रिक टन कूड़ा निकल रहा है। शहर में सबसे बड़ी समस्या कूड़ा है। जिधर देखो उधर ही कूड़े के ढेर हैं। मंगतपुरम, लोहियानगर, गांवड़ी आदि स्थानों पर कूड़े की पहाड़ियां बन गयी हैं। कूड़ा निस्तारण न होने के कारण नगर निगम प्रशासन को न्यायालय में कई बार फटकार लग चुकी है। हालांकि नगर निगम प्रशासन पिछले दो साल से कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने की तैयारी में जुटा है। पूर्व में शोलापुर की एक कंपनी से अनुबंध हो गया था। लेकिन उप्र में सरकार बदलते ही फिर से डीपीआर भी बदलनी शुरू हो गयी। अब नए सिरे से नगर निगम ने शासन को कूड़ा निस्तारण की डीपीआर भेजी। जिसको शासन ने स्वीकृति दे दी है। अब कूड़े से बिजली ही नहीं बल्कि कंपोस्ट और बायोगैस भी बनेगी।
गांवड़ी में लगेंगे कूड़ा निस्तारण के दो प्लांट
200-200 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण के दो प्लांट गांवड़ी में लगाए जाएंगे। पूर्व में भी गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए भूमि पूजन हो चुका है। जिसमें सांसद, विधायक, कमिश्नर, डीएम, महापौर भी रहे थे। गांवड़ी के ग्रामीणों ने भी भूमिपूजन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था। साथ ही प्लांट में पूर्ण सहयोग का भी आश्वासन दिया था। अब वह समय आ गया है, जिसका शहर की जनता को इंतजार था। शीघ्र ही कूड़े का निस्तारण शुरू होगा।
बिजली विभाग को भी देंगे
400 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण प्लांट से दो मेगावाट बिजली बनायी जाएगी। जिसमें से 900 किलोवाट बिजली विभाग को दी जाएगी। वहीं बाकी बिजली कूड़ा निस्तारण प्लांट पर खर्च होगी।
60 टन बनेगी कंपोस्ट
शहर से निकलने वाले गीले कूड़े और गोबर से कंपोस्ट बनायी जाएगी। 400 मीट्रिक टन कूड़े में जितना अंश गोबर और फल, सब्जी व रसोई के कचरे का होगा, उससेे प्रतिदिन 60 टन कंपोस्ट बनकर तैयार होगी।
65 किलो बायोगैस बनेगी
समस्त कूड़े से प्रतिदिन 65 किलो बायोगैस बनाए जाने की योजना है। योजना को शीघ्र ही अमलीजामा पहनाया जाएगा। डीपीआर में हर बिंदु पर विस्तार से काम किया गया है।
शतप्रतिशत होगा कूड़ा निस्तारण
शहर को कूड़े से छुटकारा मिलने वाला है। उप्र का मेरठ ऐसा शहर होगा जहां आने वाले समय में शतप्रतिशत कूड़े का निस्तारण होगा। कूड़े से बिजली, बायोगैस और कंपोस्ट बनाए जाएंगे। शहर से निकलने वाले कूड़े की जांच में कंपनियों ने तीनों ही प्रोडक्ट तैयार करना स्वीकार किया है। -मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त
खास बातें:
- 400 मीट्रिक टन कूड़े की डीपीआर शासन में स्वीकृत
- दो मेगावट बनेगी बिजली, 60 टन कंपोस्ट और 65 किलो ग्राम बनेगी बायोगैस
- शासन की मोहर के बाद अब जगी शीघ्र कूड़ा निस्तारण प्लांट लगने की उम्मीद