फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमान्य विद्यालयों का बंद होगा फंडा, अब चलेगा कार्रवाई का डंडा

विज्ञापन
विज्ञापन
अमान्य विद्यालयों का बंद होगा फंडा, अब चलेगा डंडा
विज्ञापन


मेरठ। अब अमान्य विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई होगी। अगर कोई अमान्य विद्यालय चलता मिला तो उससे एक लाख रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा। विद्यालय के गेट पर नोटिस चस्पा किया जाएगा और इसके बाद भी अगर विद्यालय चलाया गया तो 10 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वसूले जाएंगे। इतना ही नहीं, इसके बाद भी अगर अमल नहीं किया तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
शासन को इस तरह की सूचनाएं मिल रही थीं कि प्रदेश में काफी संख्या में अमान्य विद्यालय चल रहे हैं। इनमें दोनों तरह के विद्यालय संचालित हैं, जिनमें बेसिक शिक्षा के अंतर्गत आने वाले कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूल और माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत आने वाले छठी कक्षा से 12वीं कक्षा तक के विद्यालय हैं। लेकिन इन स्कूलों केपास दोनों ही शिक्षा बोर्डों से मान्यता नहीं है। इसी केतहत शासन ने ऐसे विद्यालयों के खिलाफ निर्देश जारी किए हैं, ताकि इन पर अंकुश लगाया जा सके।
विज्ञापन

जिला विद्यालय निरीक्षक ने इस संबंध में टीमों का गठन शुरू कर दिया है, जो अमान्य स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। सूत्रों का कहना है कि मेरठ में इस तरह के काफी विद्यालय संचालित हैं, हालांकि माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि ऐसे कितने विद्यालय हैं, उनकी कोई सूची या जानकारी उनके पास नहीं है। इनकी जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।

दूसरे विद्यालयों से भरवाते हैं फार्म
जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने बताया कि अमान्य विद्यालय पूरे साल संचालित होते हैं, मगर जब हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के बोर्ड की परीक्षा आती हैं तो उनके विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के फार्म किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से भरवा देते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। जो मान्यता प्राप्त विद्यालय इस तरह फार्म भरवाएगा उस विद्यालय की मान्यता भी निरस्त की जाएगी।
विज्ञापन


दूसरे दिन भी नहीं रही ज्यादा उपस्थिति
माध्यमिक शिक्षा परिषद केतहत आने वाले इंटरमीडिएट तक के विद्यालयों में शुरू हुए नए सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को भी अधिकांश विद्यालयों में ज्यादा उपस्थिति नहीं रही। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि अभी कुछ दिन इसी तरह उपस्थिति रहेगी, बाद में बढ़ेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें