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लो वोल्टेज से शुरू हो गयी पानी की किल्लत

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मेरठ। लो वोल्टेज से शहर में पानी की किल्लत शुरू हो गयी हैं। नगर निगम की ट्यूबवेलों के मोटर घूमने बंद हो गए हैं। स्काडा सिस्टम ने भी साथ छोड़ना शुरू कर दिया है। ट्यूबवेल बीच में ही बंद हो रही हैं। जिसके कारण सभी घरों तक पानी ही नहीं पहुंच रहा है।
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नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च करके एक कंपनी से सभी 170 ट्यूबवेलों और भूमिगत जलाशयों पर स्काडा सिस्टम लगवाने का निर्णय लिया था। कंपनी ने निगम को बिजली और धन खर्च बचाने का सपना दिखाया था। लेकिन लो वोल्टेज के दौरान स्काडा काम न करने की बात बताना भूल गयी। जिसका असर अब सामने आया है।
क्या है स्काडा सिस्टम
पहले ट्यूबवेल मैन्युअल चलती थीं। यानी उन्हें निगम का कर्मचारी ऑपरेट करता था। स्काडा सिस्टम ऑटोमैटिक कंट्रोल सिस्टम है। ट्यूबवेल के भरते ही यह सिस्टम ऑफ हो जाएगा तो ट्यूबवेल के खाली होते ही उसे भरना शुरू कर देगा। लेकिन सही वोल्टेज की उपलब्धता पर ही यह सिस्टम प्रॉपर काम करता है।
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स्काडा से मिला दर्द
नगर निगम ने शहर की सभी ट्यूबवेलों के संचालन पर आने वाले खर्च को कम करने के लिए स्काडा सिस्टम लगवाने के लिए चार माह पहले कंपनी से अनुबंध किया था। कंपनी ने अधिकांश ट्यूबवेलों पर यह सिस्टम लगवा दिया है। अब से पहले तो सिस्टम ठीक काम कर रहा था। लेकिन निर्धारित वोल्टेज न मिलने के कारण इस सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया है। सुबह के समय ठीक वोल्टेज मिलने के कारण थोड़े समय के लिए ट्यूबवेल चलती हैं। लेकिन बाद में वोल्टेज गड़बड़ाते ही काम करना बंद कर देती हैं। जिसके कारण शहर की अधिकतर ट्यूबवेल बंद हो रही हैं और जनता को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
सभी घरों तक नहीं पहुंच रहा पानी
निर्धारित समय तक ट्यूबवेल न चलने के कारण सभी घरों तक पीने का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिन घरों में पानी खींचने के मोटर लगे हैं। केवल उन्हीं घरों की दूसरी मंजिल पर पानी पहुंच रहा है। बाकी परिवार पाइप लाइन के पानी को तरस रहे हैं। उधर हैंडपंपों ने भी जनता का साथ छोड़ना शुरू कर दिया है।

पुराने सिस्टम पर लौट रहा निगम
लो वोल्टेज पर स्काडा सिस्टम कामयाब नहीं होगा। नगर निगम को फिर से पुराने सिस्टम पर लौटना पड़ेगा। ट्यूबवेलों के संचालन में दिक्कत की शिकायतों नगर निगम में पहुंच रही हैं। ट्यूबवेल ठेकेदार महेश बाली का कहना है कि अधिकतर ट्यूबवेलों पर स्काडा लगा है। हमारा केवल चौकीदार तैनात है। लो वोल्टेज के कारण ट्यूबवेल नहीं चल पा रही हैं। हम अपने ही चौकीदार व कर्मचारी से ट्यूबवेल चलवा रहे हैं। क्योंकि जनता ट्यूबवेल पर शिकायत करने पहुंचती है।
यह गंभीर समस्या है
यह संज्ञान में नहीं कि ट्यूबवेलों पर स्काडा काम नहीं कर रहा है। यह मामला गंभीर है। इसे दिखवाया जाएगा। अगर ट्यूबवेल नहीं चल पा रही हैं तो उनको मैनुअल चलवाया जाएगा। गर्मी में जनता को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। -मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त
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खास बातें:
- स्काडा सिस्टम छोड़ रहा साथ, ट्यूबवेलों का ब्रेक डाउन
- नगर निगम पुरानी व्यवस्था की ओर लौटने को मजबूर
- गंगाजल वाले इलाके को छोड़कर बाकी शहर में पानी की स्थिति गंभीर
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