मेरठ। आचार्य श्री वसुनंदी मुनिराज ने कहा कि केवल प्रभु का जन्म कल्यायणक महोत्सव ही न मनाएं, तालियां ही न बजाएं बल्कि मन में भावना करें कि प्रभु आप जैसा आचरण मेरा भी हो जाए। उन्होंने कहा कि आजकल भ्रूूण हत्या फैशन बन गया है। भ्रूण हत्या करने वाले उस नाग और नागिन से के समान हैं जो जन्म देेने के साथ ही अपने बच्चों को स्वयं ही खा जाते हैं। जो ऐसा कृत्य करता है, उसका भवांतर नष्ट हो जाता है। भ्रूण हत्या से बड़ा कोई पाप नहीं है। पंचकल्याणक के दिन सभी को संकल्प लेना चाहिए कि जीवन में कभी गर्भपात नहीं कराएंगे। इसका सभी ने हाथ उठाकर संकल्प लिया।
यह संदेश आचार्य श्री ने सोमवार को बागपत रोड स्थित वसुनंदी विहार में पंचकल्याणक के दूसरे दिन प्रवचन करते हुए दिया। शहर में सोमवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में हाथी, घोडे़, ऊंट, झांकियां एवं अनेकों पालकी शामिल रहीं। शोभायात्रा में शामिल बग्गियों पर इंद्र और इंद्राणी सवार थे। नगर का भ्रमण करते हुए शोभायात्रा पांडुकशिला पहुंची। शोभायात्रा में भक्त फल, मिठाई आदि बांट रहे थे। इस अवसर पर सुरेश जैन रितुराज, हंस जैन, सुभाष जैन, सुशील, अक्षय जैन, अंकुर, विपिन, प्रमोद जैन, मृदुल, विजय, अरुण आदि मुख्य रहे।