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ईवे बिल- मौके पर ही कराया जाएगा डाउनलोड

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अब कसेगा शिकंजा, मौके पर कराया जाएगा ईवे बिल डाउनलोड
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। ईवे बिल के मद्देनजर अब वस्तु एवं सेवा कर विभाग व्यापारियों पर शिकंजा कसेगा। इसके तहत अगर किसी ने ईवे बिल डाउनलोड नहीं किया है तो उससे मौके पर ही इलेक्ट्रॉनिक वे बिल (ईवे) और टीडीएफ (ट्रांजिट फार्म) डाउनलोड कराया जाएगा।
जीएसटी लागू होने के करीब सवा दो माह बाद राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग अलर्ट मोड पर आया है। अब राज्य वस्तु एवं सेवा कर की सचल दल इकाइयां परिवहन कर रहे माल केदस्तावोजों की जांच पड़ताल करेंगी। हाईवे पर माल लदी गाड़ियों को रोका जाएगा और उनकेईवे बिल और टीडीएफ को देख जाएगा। अगर नहीं है तो तब तक उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा, जब तक वे इन्हें डाउनलोड नहीं कर लेंगे। राज्य वस्तु एवं सेवा कर के सूत्रों का कहना है कि कुछ व्यापारी जानबूझकर ईवे बिल डाउनलोड नहीं कर रहे हैं।
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व्यापारियों की सहूलियत के लिए है
इस संबंध में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (प्रवर्तन विभाग) के ज्वाइंट कमिश्नर धीरेद्र प्रताप ने बताया कि प्रवर्तन की टीमें गाड़ियों को रोकेंगी, अगर किसी ने ईवे बिल डाउनलोड नहीं किया हुुआ है तो उसे वहीं रोक दिया जाएगा। माल स्वामी से ईवे बिल डाउनलोड कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह व्यापारियों की सहूलियत के लिए ही है।

टैक्स की दोहरी मार
मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा का कहना है कि ईवे बिल को लेकर व्यापारियों को अभी संशय है। यही वजह है कि व्यापारी इसे डाउनलोड करने में संकोच कर रहे हैं। इसके अलावा उन्हें लग रहा है कि एक तरफ तो वह जीएसटी दें और इसके बाद जब माल दूसरे प्रदेश से लाएं तो तो ईवे बिल भी दें। उन पर टैक्स की दोहरी मार पड़ रही है।
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क्या है ईवे बिल-टीडीएफ
दूसरे प्रदेश से माल अपने राज्य में लाने पर ईवे बिल डाउनलोड किया जाता है। इसमें माल के क्रेता और विक्रेता, वजन और कीमत, माल के उठाने एवं पहुंचने का स्थान समेत तमाम तरह के विवरण भरे जाते हैं। यह माल के परिवहन का लाइसेंस है। इसके अलावा कोई माल अगर किसी प्रदेश से चलकर दूसरे प्रदेश जाएगा और इस दौरान वह उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा, ऐसे में जितने समय तक माल यूपी की सड़कों पर रहेगा, चालक को टीडीएफ अपने साथ रखना होगा। वाणिज्य कर व्यवस्था में इसे बहती कहते हैं।
खास बात
कुछ व्यापारी जानबूझकर डाउनलोड नहीं कर रहे है ईवे बिल-टीडीएफ
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