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अरे बाबा इतना बड़ा टैंक, ये चलता कैसे है

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अरे बाबा! इतना बड़ा टैंक
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मेरठ। अपनी सेना को जानो कार्यक्रम के तहत सेना की पाइन डिविजन और चार्जिंग रैम डिविजन ने बृहस्पतिवार को कुलवंत सिंह स्टेडियम में हथियार और बैंड प्रदर्शनी का आयोजन किया। उद्घाटन पाइन डिविजन के जीओसी मेजर जनरल अतुल्य सोलंकी ने किया। इसके बाद जीप में उन्होंने चक्कर लगाकर प्रदर्शनी का जायजा लिया। 10 बजे प्रदर्शनी स्कूली छात्र-छात्राओं और आम लोगों के लिए खोल दी गई। पहले दिन 10 स्कूलों के छात्र-छात्राएं पहुंचे। बड़े टैंक और मशीन गन देखकर वह दंग रह गए। किसी ने फोटो खिंचाई तो किसी ने दूरबीन में झांका। कौतूहल के साथ बैंड के प्रदर्शन पर छात्रों ने खूब तालियां बजाई।
देश की आजादी के 70 साल पूरे होने के अवसर पर सेना की ओर से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। दो टैंक, एयरगन, मशीनगन, मोबाइल इंटीग्रेटेड नेटवर्क टर्मिनल, सेना में भर्ती होने की प्रक्रिया आदि के स्टाल लगाए गए हैं। पाइन डिविजन की ओर से हथियारों की प्रदर्शनी लगाई गई है। चार्जिंग रैम डिविजन की ओर से पांच बैंड का डिस्पले हो रहा है। बैंड के हुनर और धुन का दर्शकों ने खूब लुत्फ उठाया। प्रदर्शनी शुक्रवार सुबह 10 से शाम चार बजे तक चलेगी।
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टैंक के ऊपर चढ़कर खिंचाई फोटो
पहले दिन 10 स्कूलों के छात्र-छात्राएं प्रदर्शनी देखने पहुंचे। केंद्रीय विद्यालय सिख लाइन, केंद्रीय विद्यालय डोगरा लाइंस, जवाहर नवोदय विद्यालय, महावीर इंटरनेशन पब्लिक स्कूल, माउंट लिटेरा जी स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर आदि स्कूल के बच्चे प्रदर्शनी देखने पहुंचे। दो टैंक को देखकर बच्चे दंग रह गए। पास जाकर सेना के जवानों से पूछा अंकल ये चलते कैसे हैं। इस दौरान बच्चों ने टैंक के ऊपर ऊपर चढ़कर फोटो खिंचाई। वहीं एयरगन में झांकर देखा। मशीनगन, एलएमजी, इंसास और एके 47 भी प्रदर्शनी में थी। इसके अलावा टैंक विध्वंस हथियार भी बच्चों ने देखे।

टीकेटी 72 टैंक बने आकर्षण का केंद्र
हथियारों की प्रदर्शनी में दो टीकेटी 72 टैंक हैं। देखने वालों के लिए यह आकर्षण का केंद्र हैं। इनके ऊपर खड़े होकर फोटो क्लिक कराने और इनके बारे में जानने के लिए भीड़ लगी रही। इस टैंक के पार्ट्स रूस से आए हैं और यहां पर उनको एसेंबल किया गया है। इसके अंदर तीन लोग बैठ सकते हैं। जिनमें एक कमांडर, एक गनमैन और एक ड्राइवर होता है। इसकी 1600 लीटर की तेल की टंकी है। यह केरोसिन, डीजल और पेट्रोल से चल सकता है। भारत में तीन तरह के टैंक हैं। टी 72 रूस से आयात किए जाते हैं। भारत का आधुनिक टैंक टी 72 एमवन अजय है।
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टैंक की खास बातें
रात में 6 किमी दूरी तक चूहे की हरकत भी देख सकता है।
एक साथ 700 राउंड फायरिंग कर सकता है।
स्पीड 60 किमी प्रति घंटा की है।
10 सेकेंड में छह गोले दाग सकता है।
साढ़े नौ किमी तक गोला दागने की क्षमता है।
छह किमी दूरी तक अचूक निशाना लगा सकता है।
गोली की रेंज दो किमी तक है।
टैंक चलाने के लिए 16 सप्ताह की ट्रेनिंग दी जाती है।

मीडियम एयरगन भी भाई
लोगों और बच्चों के बीच मीडियम एयरगन भी आकर्षण का केंद्र रही। इसके आसपास काफी भीड़ रही। अंडर 30 मीडियम एयरगन से 27 किमी दूरी तक गोला दागा जा सकता है। सैनिकों ने डेमो में चलाने का तरीका बताया। इसके अलावा वहां बोफोर्स तोप भी हैं।

खास बातें
पाइन डिविजन और चार्जिंग रैम डिविजन ने लगाई कुलवंत सिंह स्टेडियम में हथियार और बैंड प्रदर्शनी
टैंक, एयरगन, मशीन गन, बंदूकें देखने पहले दिन पहुंचे 10 स्कूलों के छात्र
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