फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग की सफाई नहीं, कैसे स्वच्छ होगा शहर

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

मेरठ।
शहर की स्वच्छता को लेकर नगर निगम की हर पटल पर किरकिरी हो रही है। स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए नगर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की मंशा साफ नजर नहीं आ रही। छह साल से नगर स्वास्थ्य कार्यालय और वाहन डिपो में जमे अधिकारी और कर्मचारियों के पटल परिवर्तन के लिए भाजपा के पूर्व पार्षद ने शासन को पत्र भेजा है। साथ ही कमिश्नर को भी पूरी कार्य प्रणाली से अवगत कराने की बात कही।
विज्ञापन

शहर में सफाई की स्थिति हो या फिर वाहन डिपो से निकलने वाली कूड़ा गाड़ियों में डीजल चोरी का मामला। सभी में नगर निगम सुर्खियों में रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को कूड़ा मुक्त किया जाना है। इसके तहत कूड़ा गाड़ियों में जीपीएस लगाए जाने हैं, वहीं शहर के प्रत्येक आवास में शौचालय निर्माण, डोर टू डोर कूड़ा उठान और कूड़े का निस्तारण है। इनमें से किसी भी योजना पर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग में कार्य नहीं किया गया है। इसके पीछे नगर स्वास्थ्य विभाग में पुराने समय से जमे अधिकारी और कर्मचारियों की मंशा का साफ न होना है। माना जा रहा है कि जब तक विभाग में सफाई अभियान नहीं चलेगा तब तक शहर में स्वच्छता के अभियान को गति दिया जाना संभव नहीं है। इस संबंध में नगर निगम के पूर्व पार्षद अजय गुप्ता का कहना है कि नगर स्वास्थ्य विभाग में छह साल से लिपिक जमे हैं। डिपो प्रभारी तक नहीं बदले जा रहे हैं। पुराने लोगों को ही जिम्मेदारी सौंपी जा रही हैं। इनकी मंशा सरकारी योजनाओं के प्रति साफ नहीं हैं। इसकी शिकायत शासन को भेज चुके हैं और कमिश्नर से मिलकर पूरी व्यवस्था के बारे में अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन

खास बातें
- नगर स्वास्थ्य विभाग में कई सालों से जमे हैं कर्मचारी
- पूर्व पाषर्द ने पटल परिवर्तन के लिए शासन को भेजा पत्र
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें