टीचर को पढ़ाएंगे डेंगू चिकनगुनिया से लड़ाई का पाठ
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्पेशल प्लान तैयार किया है। इसके तहत 1112 प्राथमिक और माध्यमिक स्कलों में 1112 स्वास्थ्य शिक्षक बनाए गए हैं, यानि हर स्कूल से एक शिक्षक को लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की पांच-पांच सदस्यों की नौ टीमें 14 बीआरसी (खंड संसाधन केंद्र) पर इन शिक्षकों को तीन दिन तक कार्यशाला कर प्रशिक्षण देंगी।
इसकी शुरुआत बृहस्पतिवार से हो गई है। पहले दिन मेरठ बीआरसी पर 50 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। ये कार्यशालाएं 29 जुलाई तक चलेंगी। प्रशिक्षण केबाद स्वास्थ्य शिक्षक विद्यार्थियों को जागरूक करेंगे। इसमें मच्छर पनपने वाले संसाधनों को हटाने और बचाव पर जोर दिया जाएगा। विद्यार्थी अपने घर और मोहल्ले वालों को इस बारे में जानकारी देंगे। जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत ने बताया कि पिछले साल मेरठ में चिकनगुनिया के 1105 और डेंगू के 183 मामले आए थे। इस बार स्वास्थ्य विभाग कोई कोताही नहीं बरतना चाहता है।
विकास खंड प्रशिक्षण केलिए शिक्षक
मेरठ 50
मेरठ नगर 150
सरूरपुर 82
सरधना 128
दौराला 62
रोहटा 65
जानी 66
माछरा 62
मवाना 110
मवाना नगर 16
हस्तिनापुर 122
रजपुरा 36
खरखौदा 55
परीक्षितगढ़ 108
मेरठ में बिजनौर के अफसर आएंगे चेकिंग करने
डेंगू-चिकनगुनिया और मलेरिया आदि वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग किस तरह काम कर रहा है, इसकी निगरानी के लिए दूसरे जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीमों को लगाया गया है। मेरठ में चेकिंग के लिए बिजनौर की टीम आएगी। इसी तरह मेरठ की टीम बागपत जाएगी। बागपत की टीम को गौतमबुद्धनगर का जिम्मा सौंपा गया है। इस टीम में वेक्टर जनित रोगों के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी, एक-एक बाल रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन शामिल रहेंगे।
डेंगू केलक्षण
जी मचलाना, उल्टी आना
तेज सिरदर्द, बुखार रहना
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
शरीर पर चकते उभर आना
गंभीर हालत में मुंह-नाक से खून आना
ये बरतें सावधानी
आसपास पानी को एकत्रित न होने दें।
कूलरों के पानी को एक सप्ताह में बदले।
घरों में लार्वा-कीटनाशक छिड़काव कराएं।
पूरी बाजू केकपड़े पहनकर सोएं।
सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
खास बातें
- डेंगू-चिकनगुनिया को लेकर एक हजार से ज्यादा शिक्षकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
- बृहस्पतिवार से शुरू हुआ प्रशिक्षण तीन दिन तक चलेगा
- शिक्षक स्कूलों में बच्चों को देंगे जानकारी और बच्चे पास पड़ौस वालों को