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एमडीए के चार अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि एक निलंबित

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एमडीए के चार अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि, एक निलंबित
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अवैध निर्माणों पर एक्शन न करने तथा अनियमितता करने पर आयुक्त ने लिया एक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने कार्यों में घोर लापरवाही और अनियमितताओं पर सख्त कदम उठाते हुए जोन डी के चार अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। इसके अलावा एक लिपिक को सस्पेंड कर दिया गया है।
शुक्रवार को कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने एमडीए सभागार में बैठक ली। उन्होंने बताया कि राम अवतार बंसल द्वारा स्थल संख्या-140, दुर्गा नगर, कैलाश पुरी, गढ़ रोड पर बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यवसायिक निर्माण किया गया था। इस पत्रावली का उन्होंने खुद अवलोकन किया। जांच में पाया कि 31 जनवरी 2017 को जोन डी के अधिकारियों ने यहां निरीक्षण किया पर इस बाबत अनियमितताओं का नोटिस 15 फरवरी 2017 को दिया गया है। जाहिर है कि जानबूझकर केवल नोटिस तामील करने में 15 दिन का समय लिया गया है। एक पत्र 15 फरवरी को ही पुलिस को लिखा गया तथा एक नोटिस पुन: 27 फरवरी को दे दिया गया। यह केवल खानापूर्ति के लिए किया गया। इस बीच निर्माण कार्य निरंतर चलता रहा।
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कमिश्नर ने खुद दिए थे निर्देश तब हुआ सील
कमिश्नर ने बताया कि उन्होंने खुद फोन पर छह जुलाई को निर्देश दिए, तब जाकर यह निर्माण सील हुआ। इससे साफ नजर आ रहा है कि न केवल जानबूझकर यह कृत्य किया गया बल्कि सेटिंग की गई। इस पर जोन डी के जोनल अधिकारी एपी सिंह, नोडल अधिकारी विवेक शर्मा, अवर अभियंता कुमदेश कुमार शर्मा एवं अवर अभियंता अमित तोमर को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।

मृतक के मुख्तारनामे से किया बैनामा, सस्पेंड
बैठक में ही एक अन्य प्रकरण में कमिश्नर ने बताया कि लिपिक मुकेश सैनी तथा यशवीर चौधरी के विरुद्घ शिकायतों की जांच अपरायुक्त राधेश्याम मिश्रा ने की। पाया कि मुकेश सैनी ने पल्लवपुरम योजना में भवन संख्या सीएल-98 का विक्रय विलेख एक मृत व्यक्ति द्वारा निष्पादित मुख्तारनामे के आधार पर करा दिया गया, जो कि नियम विरुद्ध है। इसमें मुकेश सैनी की संलिप्तता साफ दिख रही है। ऐसे में मुकेश सैनी को तत्काल निलंबित करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई का भी निर्देश वीसी एमडीए को दिया गया।


अवैध निर्माणों को खुद तोड़ें नहीं तो एमडीए तोड़ेगा
मेरठ विकास प्राधिकरण के सभाकक्ष में प्राधिकरण के कार्याें की समीक्षा बैठक करते हुए आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने कार्यप्रणाली में सुधार करने, प्रत्येक जोन में अवैध निर्माण चिह्नित कर ध्वस्तीकरण करने, शमन (कंपाउडिंग) पर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। स्पष्ट कहा कि एमडीए हर सूरत में अब अवैध निर्माण तोड़े। साथ ही अवैध निर्माण करने वालों को भी चेतावनी दी कि या तो वे खुद ही अवैध निर्माण तोड़ लें अन्यथा एमडीए तोड़ेगा। वहीं उपाध्यक्ष एमडीए सीताराम यादव ने कहा कि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में आमूल चूल परिवर्तन किये जाएंगे। चाहे कोई कितना ही रसूखदार क्यों न हो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर सचिव राज कुमार, वित्त नियंत्रक वसी मोहम्मद, तहसीलदार करनवीर सिंह, अधिशासी अभियंता अजीत त्यागी, डीसी तोमर, एपी सिंह, पीपी सिंह, सहायक अभियंता आरके गुप्ता, विनीत कुमार आदि उपस्थित रहे।

बैठक में ये रहे मुख्य निर्देश
अदालत लगाकर वादों का निस्तारण करें।
ध्वस्तीकरण की फोटोग्राफी करें और वहां ‘यह निर्माण अवैध है, खरीद फरोख्त न करें ’ का बोर्ड लगाएं।
चारों एक्सईएन को एक एक रोड देकर मैप से हर निर्माण का मिलान कराया जाए।
अवैध निर्माणकर्ताओं की सूची समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई जाए।
बिजली बंबा बाईपास पर किसी एक कॉलोनी में हो रहे बड़े अवैध निर्माण का तत्काल ध्वस्तीकरण करें।
गढ़ रोड, साकेत, हापुड़ अड्डा, दिल्ली रोड, बिजली बंबा बाईपास, श्रद्धापुरी की सर्विस रोड आदि प्रत्येक जोन के क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण पर पूरे उपकरणों के साथ ध्वस्तीकरण हो।
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अवैध निर्माण एवं लैंड यूज की सूची बनाएं।
दिल्ली रोड पर शोरूम बीको की नोटिस अवधि खत्म होने पर उसे ध्वस्त करें।
सील चेक करें कि कहीं तोड़ी तो नहीं गई हैं। यदि ऐसा पाया गया तो मुकदमा दर्ज कराएं।
24 जुलाई तक डिफल्टरों की सूची बनाई जाए। 15 दिन के भीतर में धनराशि जमा करने के आदेश जारी करें।
रेगुलर रेट ऑफ इनट्रस्ट को कम करने पर विचार किया जाएगा।
एमडीए की खाली संपत्ति एवं जो कैंसिल हो गई है, उसकी सूची बनाएं व उसके मूल्य का आगणन करें ताकि 15 अगस्त को कोई नई योजना पुरानी संपत्ति पर लागू की जा सके।
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