यूपी डायल 100 की शुरूआत होने पर पुलिस अफसरों ने दावा किया कि अपराधियों की कमर टूटेगी। कंट्रोल रूम पर कॉल रिसीव न होना, फरियादी से गलत व्यवहार व घटनास्थल पर पुलिस न पहुंचने की शिकायत अब नहीं आएंगी। पुलिस तत्परता से कार्रवाई करेंगी तो मौके पर ही अपराधियों को पकड़ा जा सकता है। सरकार की मुहिम को सभी ने सराहा है।
शनिवार शाम छह बजे से यूपी डायल 100 से जुड़ी 61 गाड़ियां अपने अपने रूट में तैनात हो गई। सूचना आते ही नजदीकी गाड़ियां तत्काल घटनास्थल पर पहुंचेगी। पुलिस अफसरों ने बताया कि किसी घटना की सूचना लोग डायल 100 को देंगे तो अपराधी किस वाहन से है और किधर को भागा है, इसकी तमाम जानकारी लखनऊ डिजिटल कंट्रोल रूम से यूपी डायल 100 की गाड़ियां को भेजकर सूचना फ्लैश भी करेगा। ताकि अपराधियों को लोकल पुलिस की मदद से पकड़ा जाए। स्थिति को देखते हुए गाड़ियों में तैनात पुलिसकर्मी संबंधित थाना पुलिस को बताकर उनका सहयोग भी करेंगे।
कॉल रिकार्डिंग होगी
एसएसपी ने बताया कि लखनऊ कंट्रोल रूम में जाने वाली सभी कॉलों की रिकार्डिंग होगी। ताकि सूचना पर डायल 100 में तैनात पुलिसकर्मियों ने कितनी तत्परता दिखाई, इसकी भी जांच होगी। इसके लिए अलग से नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा प्रत्येक माह उनकी समीक्षा भी होगी कि किस वारदात में उनकी क्या भूमिका रही।
थाना पुलिस को मिलेगा रिलीफ
यूपी डायल 100 में ठीक से काम हो गया तो थाना पुलिस को वाकई में काफी रिलीफ मिलेगा। छोटी-मोटी वारदातों का यूपी डायल 100 में तैनात पुलिसकर्मी निस्तारण कर लेेंगे। बड़ी वारदात होते ही वह थाना पुलिस के साथ समन्वय कर लेंगे। ताकि मामले से आसानी से निपटा जा सके। पुलिस लाइन में यूपी डायल 100 के शुभारंभ पर शहर व देहात के एसपी, सीओ, थानेदार भी मौजूद रहे। जिन्होंने इस मुहिम से सराहनीय बताया।