मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) का नाम एक बार फिर वैश्विक पटल पर स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गया है। शोध के क्षेत्र में शैक्षिक प्रतिभा के असाधारण स्तर को दर्शाते हुए विश्वविद्यालय के छह प्रमुख शोधकर्ताओं को प्रतिष्ठित वैश्विक दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है।
इस सूची को प्रतिवर्ष स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा एल्सेवियर के सहयोग से प्रकाशित किया जाता है। यह सूची विभिन्न क्षेत्रों में उनके प्रभावशाली अनुसंधान योगदान के आधार पर शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों को रैंक करती है। सूची में सीसीएसयू के जिन शोधकर्ताओं को मान्यता मिली हैं, उनमें प्रो. संजीव कुमार शर्मा (भौतिकी), प्रो. पीके गुप्ता (कृषि-बॉटनी), प्रो. एसवी एस राणा (विष विज्ञान), डॉ. सारु कुमारी (गणित), डॉ. वैशाली एम पाटिल (फार्मेसी) और दीपक कुमार (भौतिकी) शामिल हैं। यह सम्मान न केवल उनके ज्ञानवर्द्धन के प्रति समर्पण को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक शैक्षिक समुदाय पर उनके महत्वपूर्ण प्रभाव को भी उजागर करता है, जिससे हमारे स्थानीय शैक्षिक समुदाय की वैश्विक स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा प्रकाशमान होती है।
यह सूची प्रभावशाली शोधकर्ताओं की करती है पहचान
दो प्रतिशत वैज्ञानिक सूची एक प्रतिष्ठित मान्यता हैं, जो विभिन्न मापदंडों के आधार पर सबसे प्रभावशाली शोधकर्ताओं की पहचान करती है। जिनमें उद्धरण और प्रकाशन प्रभाव शामिल हैं। प्रो. संजीव कुमार शर्मा को फोटोकैटालिसिस, सेंसर और नैनोस्ट्रक्चर्ड मैटेरियल्स में उनके अग्रणी अनुसंधान के लिए जाना जाता है। इन्होंने कई उच्च प्रभाव कारक पत्रिकाओं में अपने शोध प्रकाशित किए हैं। इनमें मैटेरियल्स टुडे (IF=21.1), मैटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग आर (IF=31.6), इन्फोमैट (IF=22.7) और कोऑर्डिनेशन केमिस्ट्री रिव्यूज (IF=20.3) शामिल हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा अर्जित की है।
- प्रो. पीके गुप्ता और प्रो. एसवीएस राणा दो दशकों से एमेरिटस प्रोफेसर हैं। वह सीसीएसयू के अग्रणी शोधकर्ता रहे हैं। उन्होंने समकालीन समझ और व्यवहार को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसी प्रकार डॉ. सारु कुमारी ने भी अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। नवाचार को प्रोत्साहित किया है और शोधकर्ताओं की अगली पीढ़ी को प्रेरित किया है।
- दीपक कुमार जनवरी 2022 से भौतिकी विभाग में पीएचडी शोधार्थी रहे हैं और प्रो. संजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में शोध कर रहे हैं। वह इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान पाने वाले विश्वविद्यालय के पहले शोधार्थी हैं। दीपक को दक्षिण कोरिया के डीजीआईएसटी में तीन महीने तक अपने शोध का विस्तार करने का अवसर मिला और वह वर्तमान में वहीं काम कर रहे हैं। यह उपलब्धि न केवल मेरठ बल्कि समूचे शैक्षिक समुदाय के लिए एक गर्व का क्षण है, जो सीसीएसयू के शोधकर्ताओं के उत्कृष्ट कार्यों की वैश्विक स्तर पर मान्यता को दर्शाता है।