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मोहिउद्दीनपुर, सकौती का लोन पास, 10 मिलें अभी कतार में

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मोहिउद्दीनपुर, सकौती का लोन पास, 10 मिलें अभी कतार में
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- मतदान से पहले गन्ना बकाया भुगतान कराने में अधिकारियों के छूट रहे पसीने
- सॉफ्ट लोन के लिए आवेदन करने वाली मिलों को जल्द कर्ज देने के लिए बैंकों पर भी दबाव
- भुगतान कराके किसानों का गुस्सा कम करना चाहती है सरकार
मेरठ। पहले चरण के मतदान से पहले किसानों के खातों में सॉफ्ट लोन के जरिए गन्ना बकाया भुगतान पहुंचाने में अधिकारियों के पसीने छूटे हुए हैं। सॉफ्ट लोन के लिए आवेदन करने वाली मंडल की 12 मिलों में से जहां दो मिल सकौती और मोहिउद्दीनपुर का लोन पास हो गया है वहीं अभी दस मिलों का लोन अटका हुआ है। जरूरी प्रक्रिया पूरी कर इन मिलों का लोन भी पास कराने में अधिकारी दिन-रात एक किए हुए हैं। शासन से इस मामले की पल-पल की जानकारी ली जा रही है। अधिकारियों ने मतदान से पहले करीब 50 फीसदी भुगतान कराने की उम्मीद जताई है।
प्रदेश की शुगर इंडस्ट्री पर किसानों का बकाया गन्ना भुगतान बढ़ता जा रहा है। इंडस्ट्री पर चालू पेराई सत्र 2018-19 का 11 हजार करोड़ से ज्यादा बकाया हो चुका है। इसमें मेरठ मंडल की शुगर मिलों पर 2164 करोड़ रुपये बकाया है। प्रदेश सरकार के बाद केंद्र सरकार ने भी मिलों को सॉफ्ट लोन का तोहफा दिया है।
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केंद्र सरकार की सॉफ्ट लोन योजना का लाभ शुगर मिलों उनके द्वारा गत पेराई सत्र 2017-18 में तैयार की गई चीनी उत्पादन और उसकी कीमत 31 हजार रुपये प्रति टन के आधार पर उसका 55 फीसदी मिलेगा। मंडल की 16 शुगर मिलों में से किनौनी, सिंभावली, बृजनाथपुर और मोदीनगर मिल को छोड़कर बाकी 12 मिलों ने लोन के लिए आवेदन किया था। इसमें से मोहिउद्दीनपुर और सकौती मिल का लोन पास हो गया है। बाकी 10 मिलों का लोन भी पास होने की प्रक्रिया में है। गन्ना सूत्रों के मुताबिक पहले चरण के मतदान से पहले हर हाल में गन्ना बकाया भुगतान 50 फीसदी पहुंचाना है। फिलहाल ये आंकड़ा 36 फीसदी है। अधिकारी दिन-रात इसी काम में लगे हुए हैं। बैंक से लोन मिलने के बाद दो से तीन दिन किसानों के खातों में पहुंचने में लगेंगे।
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2164 करोड़ रुपये बकाया है मंडल की मिलों पर
मेरठ मंडल की मिलों पर चालू पेराई सत्र का 2164 करोड़ रुपये बकाया हो चुका है। मोदीनगर, सिंभावली और बुलंदशहर मिल ने तो भुगतान शुरू ही नहीं किया है। दौराला शुगर मिल ही चालू सत्र का 85 फीसदी भुगतान करके आगे चल रही है। किनौनी, बुलंदशहर, सिंभावली, बृजनाथपुर, मलकपुर, मोदीनगर आदि मिलें काफी पीछे चल रही है।
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