अमर उजाला ब्यूरो
बहसूमा। रामराज गन्ना समिति में आयोजित बोर्ड बैठक में टिकौला शुगर मिल से कोई प्रतिनिधि नहीं भेजने से क्षुब्ध किसान मिल में वीपी कार्यालय में हगामे के लिए पहुंचने लगे। हालांकि इसकी जानकारी पाकर वाइस प्रेसीडेंट कार्यालय छोड़ चले गए। किसानों ने समिति का इंडेंट बढ़ाने को लेकर हंगामा करना कर दिया। हालांकि मिल के अन्य अधिकारियों ने मिल की पेराई क्षमता का आधा इंडेंट के आश्वासन पर किसान लौटे।
बता दें कि रामराज गन्ना समिति इंडेंट में पिछड़ने के बाद समिति से जुडे़ किसानों के आग्रह पर गन्ना समिति के चेयरमैन हरमेंद्र सिंह एवं सचिव महीपाल सिंह ने शनिवार को बोर्ड बैठक बुलाई। रामराज समिति कार्यालय में आयोजित बोर्ड बैठक में टिकौला शुगर मिल से कोई प्रतिनिधि के नहीं पहुंचने पर बोर्ड के पदाधिकारियों एवं किसानों ने बैठक में निर्णय लिया कि मिल में आज पैराई की चेन तथा सोमवार को जारी होने वाले इंडेट को भी नहीं भेजने देंगे। आक्रोशित किसान मिल परिसर में जैसे ही नारेबाजी करते हुए पहुंचे तो मिल के वाइस प्रेसीडेंट एमसी शर्मा कार्यालय से कुर्सी छोड़ खिसक लिये। इसके बाद किसानों ने वीपी कार्यालय में पहुंचकर हंगामा कर दिया। मिल में शनिवार को सफाई होने के कारण मिल की चेन बंद मिली। किसान राजेंद्र सिंह मोहम्मदपुर शकिस्त व गन्ना समिति निदेशक राजेश्वर दयाल का तर्क है कि मिल ने चालू पेराई सत्र में एक करोड़ 32 लाख कुंतल गन्ने की पेराई कर चुकी है। जब कि रामराज गन्ना समिति का आफर 66 लाख कुंतल का है। इस हिसाब से वह चार लाख कुंतल गन्ने से अन्य समितियों से पिछड़ रही है। मिल की पेराई क्षमता 95 हजार कुंतल प्रतिदिन की है। उन्हें प्रतिदिन केवल 30 हजार कुंतल गन्ना का ही इंडेंट जारी होता है। उनकी मांग है कि उन्हें पेराई क्षमता व आफर के अनुसार प्रतिदिन 45 हजार कुंतल इंडेट जारी होना चाहिए। बाकी छह समितियों को 45 हजार कुंतल का इंडेंट जारी किया जाए। इस तर्क से मिल के गन्ना प्रंबधक पवन जैनर ने हैड आफिस मुजफ्फरनगर वार्ता कर किसानों को पेराई क्षमता का आधा इंडेंट रामराज गन्ना समिति को देने का आश्वासन दे दिया। हंगामा करने वालो में चेयरमैन हरमेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, निदेशक कैप्टन सुभाष, राजेश्वर दयाल, पूर्व चेयरमैन सरदार जसबीर सिंह रंधावा, सरदार अपार सिंह, इंदरपाल सिंह व रामपाल आदि रहे। वहीं, इस संबंध में मिल के अध्यासी अध्यक्ष एमसी शर्मा का कहना है कि वह तो जरूरी कार्य से मुजफ्फरनगर हेड आफिस आए हुए हैं। उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
वहीं, इस संबंध में वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक पवन जैनर का कहना है कि हेड आफिस बात कर किसानो की समस्या का समाधान कर दिया गया है।
मनपसंद गाने पर नाचने को लेकर भिड़े
कुछ युवकों ने दूल्हे को जडे़ तमाचे
बहसूमा। गांव समसपुर में शनिवार को चढ़त के दौरान बाराती एवं भाति नाचने को लेकर आपस में भिड़ गए। इस दौरान बुजुर्ग लोगों ने जैसे तैसे मामले को शांत कर दिया। अभी दूल्हा व दुल्हन सात फेरों की रस्म चल ही रही थी। आधा दर्जन से अधिक आए युवकों ने गालीगलौज करते दूल्हे के चांटे लगा दिए। इसी को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई।
जानकारी के मुताबिक समसपुर गांव में शनिवार को हापुड़ के दौमी गांव से बारात आई थी। बारात को नाश्ता कराने के बाद चढ़त शुरू हो गई। बाराती चढ़त के आगे डीजे व बैंड बाजे की धुन पर थिरक कर चल रहे थे। बाराती अपनी फरमाइश से गाना सुनकर पूरी मस्ती में थे। इसी दौरान पिलौना गांव के भातियों ने अपने गाने की फरमाइश पेश कर दी। जिसका बारातियों ने विरोध कर अपनी फरमाइश का गाना ही चलाने की जिद की। इस पर बाराती एवं भातियों में हुई कहासुनी गाली गलौज में बदल गई। हालांकि बाद में कुछ बुजुर्गों ने मामले को निपटा दिया। इस दौरान पिलौना से आए भातियों ने परिचितों को बहसूमा से फोन कर बुला लिया। इस दौरान दूल्हा-दुल्हन के फेरों की रस्म चल ही रही थी। बहसूमा से आए आधा दर्जन से अधिक युवकों ने दूल्हे को तमाचे जड़ दिए। इस दौरान दूल्हे साथी रविंद्र ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसका सिर फोड़ घायल कर दिया। इस दौरान गांव में भगदड़ मच गई। सूचना पाकर डायल हाड्रेंड पहुंची। डायल हाड्रेंड ने घायल युवक रविंद्र को लेकर चलनी लगी, लेकिन बाराती व घरातियों ने आपस में ही मामला निपटाने की बात कही। खबर लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। कार्यवाहक एसओ गवेंद्रपाल सिंह का कहना है कि किसी भी तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर आई तो कार्रवाई की जाएगी।