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सर्च ऑपरेशन के दौरान गड्ढे में छुपे आतंकी ने मारी थी गोली

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सर्च ऑपरेशन के दौरान गड्ढे में छुपे आतंकी ने मारी थी गोली
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- मेरठ के जांबाज अजय कुमार सर्च ऑपरेशन में थे शामिल
- रविवार रात पुलवामा के पिंगलीना इलाके मेें हुई थी मुठभेड़
- शहीद अजय के पार्थिव शरीर के साथ आए साथी ने सुनाई दास्तां

मेरठ। जांबाज अजय कुमार के हौसले पर उनकी यूनिट के जवान भी गर्व करते थे। अजय सर्च ऑपरेशन टीम के सदस्य थे। अजय टीम में आगे बढ़कर अजय आतंकियों से लोहा लेते थे। बीती रविवार रात पुलवामा के पिंगलीना क्षेत्र के एक मकान में छुपे दो आतंकियों को ढेर करके सेना ने सर्च ऑपरेशन किया। जिसमें एक आतंकी मकान से बाहर पास में ही गड्ढे में छुपा था। उस बुजदिल आतंकी ने अजय को पीछे से गोली मारी थी। यह बात अजय के पार्थिव शरीर के साथ आए एक साथी ने बताई।
आतंकियों ने अजय पर कैसे वार किया? उस समय अजय क्या कर रहा था? गोलियां आमने-सामने चलीं या फिर बम फेंका गया? ऐसे कई सवाल शहीद अजय के परिजनों के जेहन में उठ रहे थे। सोमवार रात अजय का पार्थिव शरीर मेरठ कैंट स्थित आर्मी हॉस्पिटल में पहुंचा। इसकी जानकारी लगते ही अजय के पिता और चचेरे भाई समेत करीब दस लोग एमएच पहुंच गए। अजय के पार्थिव शरीर को मेरठ लाने वालों में उनकी यूनिट का जवान भी शामिल था। परिजन पुलवामा में रविवार आधी रात हुए सर्च ऑपरेशन के बारे में जानने लगे।
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गड्ढे में छुपा था आतंकी
जिस पर सेना के जवान (अजय के दोस्त) ने बताया कि वह भी मुठभेड़ में अजय के साथ था। रविवार रात करीब 12 बजे थे। एक सूचना पर यूनिट के मेजर विभूति शंकर के नेतृत्व अजय और सेना के करीब 30 जवान दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में पिंगलीना क्षेत्र में पहुंचे। जहां पर एक मकान में पांच आतंकी छुपे थे। आतंकियों से सीधी मुठभेड़ हुई। सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया। सेना मकान में सर्च ऑपरेशन कर रही थी। पूरा मकान खंगाल डाला, लेकिन कुछ नहीं मिला। जिस पर सेना ने वापस लौटने की तैयारी कर ली थी। तभी मकान के पास एक गड्ढे में छुपे एक आतंकी ने सेना पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं, जिसमें अजय शहीद हो गया।
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सबसे आगे चलता था अजय
परिजनों के मुताबिक अजय के साथियों ने बताया कि सर्च ऑपरेशन में अजय हमेशा आगे रहता था। आतंकी को सर्च ऑपरेशन में ढूंढने में वह माहिर था। इससे पहले भी कई मुठभेड़ और सर्च आपरेशन चलाए गए, जिनमें अजय ने आतंकियों को ढूंढकर मारा। इस ऑपरेशन में बुजदिल आतंकी ने अजय पर पीछे से वार किया, जिसमें अजय शहीद हो गया। हालांकि सेना के जवान दावा करते हैं कि अजय को गोली मारने वाले बुजदिल आतंकी को उन्होंने वहीं ढेर कर दिया था। अजय बहुत बहादुर था, उसके बारे में दोस्तों ने कई बातें परिजनों को बताईं।
 
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