मेरठ। सपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने के विरोध में सपाइयों ने बुधवार को कलक्ट्र्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।
सपा नेताओं ने कहा कि मंगलवार को सपाई शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बावजूद उनके विरुद्ध गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया। जबकि लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है। सपा इस कार्रवाई का घोर विरोध, मुकदमा खारिज करने और यूपी सरकार को बर्खास्त करने की मांग करती है। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर, पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद, सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, मौ. चांद, आदिल सिद्दीकी, शरीफ मेवाती, सोहराब ग्यास, शशिकांत गौतम, डॉ. कय्यूम आदि मौजूद रहे।
सपा नेता अतुल प्रधान हिरासत में, बाद में छोड़ा
मेरठ। सपा नेता अतुल प्रधान को बुधवार को नौचंदी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि एक घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वह कार्यकर्ताओं के साथ सिटी स्टेशन पर ट्रेन रोकने और यूपी सरकार का पुतला फूंकने जा रहे थे।
इसकी सूचना मिलने पर नौचंदी थाना पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। उनसे पुतला छीनने लगे। इस दौरान सपाइयों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई। सपाइयों का दावा है कि उन्होंने पुतला फूंक दिया, जबकि पुलिस का कहना है कि वह पुतला नहीं फूंक पाए। पुलिस उन्हें थाने ले गई। इस दौरान काफी संख्या में सपाई थाने में जमा हो गए और हंगामा किया। अतुल प्रधान ने कहा कि अगर सरकार इस प्रकार लोकतंत्र की हत्या एवं प्रजातंत्र पर कुठाराघात करेगी तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
पुलिस पर बदसलूकी का आरोप
सपा नेता वसीम राहुल ने पुलिस पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि वह एसपी सिटी कार्यालय पर ताला लगाने नहीं पहुंचे थे बल्कि लगे हुए ताले को खुलवाया था। इसके बाद भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। आरोप है कि दबिश देने गई पुलिस ने उनकी नमाज पढ़ रही मां और बहन के साथ बदसलूकी की।
- राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया