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गन्ना भुगतान दबाने में डीएम हुए नाराज

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गन्ना भुगतान दबाने में डीएम नाराज
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खबर का असर
- अमर उजाला ने सोमवार को छापी थी शुगर मिल और बैंकों के खेल की खबर
- डीएम ने गन्ना विभाग के अधिकारियों को बुलाकर मामले की ली जानकारी
- डीएम ने भुगतान कराने और दोषी मिलों के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। ब्याज बचाने के लिए एस्क्रो अकाउंट में खेल कर किसानों का गन्ना बकाया भुगतान दबाने के खेल से नाराज डीएम अनिल ढींगरा ने सोमवार को गन्ना विभाग के अधिकारियों को तलब कर पूरे मामले की जानकारी ली। साथ ही भुगतान दबाने वाली मिलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
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कैश क्रेडिट लिमिट रखने वाली शुगर मिलें उत्पादित चीनी को बैंकों में गिरवी रखकर बकाया भुगतान के लिए पैसा लेती हैं। टैगिंग आदेश के अनुसार शुगर मिलों को बिक्री की गई चीनी का 85 फीसदी धन किसानों के लिए खोले जाने वाले एस्क्रो अकाउंट में डालना पड़ता है। एस्क्रो अकाउंट में पैसा आने के बाद गन्ना समितियां इसे किसानों के खातों में ट्रांसफर करती हैं। शुगर मिलों ने बैंकों से मिलकर इसमें खेल करना शुरू कर रखा है। गिरवी चीनी पर लिए जाने वाले कर्ज पर ब्याज से बचने के लिए शुगर मिल और बैंक एस्क्रो अकाउंट में तो पैसा प्रदर्शित होना दिखा देते हैं, लेकिन उसका भुगतान किसानों के खाते में नहीं हो पाता है। अमर उजाला माय सिटी ने सोमवार के अंक में इस पूरे खेल की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। डीएम अनिल ढींगरा ने जिला गन्ना अधिकारी को कार्यालय में तलब कर पूरे मामले की जानकारी ली और दोषी मिलों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि किसानों का बकाया भुगतान नहीं करने वाली मिलों को बख्शा नहीं जाएगा।
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