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फिर से शुरू होगी गर्म पानी की टंकी

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गंगानगर में शुरू होगी गर्म पानी की ट्यूबवेल
गंगानगर। गंगानगर में गर्म पानी की ट्यूबवैल को फिर से चालू करने की मांग की गई है। इस बाबत क्षेत्रीय विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गर्म पानी के श्रोत की जांच कराकर फिर से शुरू करने की मांग की है। ट्यूबवैल शुरू होने सेे यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
गंगानगर एफ ब्लॉक में गर्म पानी की ट्यूबवेल है। अत्यधिक गर्म पानी निकलने के कारण इसे जिला प्रशासन द्वारा बंद करा दिया गया था। अब ट्यूबवेल को फिर से चालू करने की बात उठी है। कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मामले में पत्र लिखा है। पत्र के अनुसार 1996 में विश्व बैंक की सहायता से भूमि जल सर्वेक्षण बरेली जोन द्वारा पेयजल की उपलब्धता के लिए एफ ब्लॉक में चार स्थानों पर बोरिंग कराए गए थे। जिसमें एक स्थान पर 778 मीटर पर बोरिंग किया गया। जहां से गर्म पानी का स्रोत मिला। 1998 में इस गर्म पानी वाली ट्यूबवैल का उद्घाटन केंद्रीय कृषि मंत्री सोमपाल शास्त्री ने किया था। फिर करीब डेढ़ माह बाद जिला प्रशासन द्वारा इस ट्यूबवेल को बंद कर दिया गया। ट्यूबवेल को बंद हुए 20 साल हो चुके हैं। पर शुरू नहीं हो सकी। कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने विशेषज्ञों की टीम गठित कर इस श्रोत के बारे में जांच कर फिर से शुरू करने की मांग की है।
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ट्यूबवेल के पानी में ठंडा पानी मिलाना पड़ता था
गंगानगर एफ ब्लॉक स्थित गर्म पानी की ट्यूबवेल अपने आप में विशेषता है। स्थानीय निवासी संजीव कुमार बताते हैं कि जब ट्यूबवेल शुरू की गई तो जमीन से उबलता हुआ पानी निकलना शुरू हुआ। पानी में भाप उठती थी। आसपास के लोग पानी भरकर ले जाते और उसमें ठंडा पानी मिलाकर नहाते थे। लोगों में चर्चा थी कि इस पानी के नहाने से काफी लोगों के चर्म रोग ठीक हो गए थे। परंतु जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा का हवाला देते हुए ट्यूबवेल को डेढ़ माह बाद ही बंद कर दिया गया। ट्यूबवेल के आसपास की जमीन पर कुछ माह के अंदर प्लाटिंग कर बेच दी गई।
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कोई एक विभाग ले लेता जिम्मेदारी, तो होता पर्यटन स्थल
गर्म पानी की ट्यूबवेल कुछ माह बंद कर दी गई। स्थानीय लोगों ने ट्यूबवेल को फिर से शुरू करने की मांग की और पर्यटन विभाग से पूछा। पर्यटन विभाग ने ट्यूबवेल का जिम्मा मेरठ विकास प्राधिकरण के पास होने की बात कही। जब एमडीए से पूछा गया तो एमडीए ने नगर निगम को हेंडओवर करने की बात कह दी। इसी क्रम में नगर निगम ने भी ट्यूबवेल पर अपनी जिम्मेदारी होने से पल्ला झाड़ लिया। स्थानीय लोगों की मानें तो अगर गर्म पानी की ट्यूबवेल चालू होती तो यहां छोटा पर्यटन स्थल बन सकता था। जहां लोग घूमने के अलावा अपने चर्म रोग भी ठीक करने आते।


खास बातें:
- कैंट विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शुरू करने की मांग की
- 1998 में हुआ उद्घाटन, जमीन से उबलता हुआ पानी निकलता था, कुछ माह बाद हो गई बंद
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