मेरठ। आपका बाजार सहकारी संघ को मजबूत करने की कवायद के बीच हाईकोर्ट के आदेश पर तगड़ा झटका लगा है। भाजपाई खेमा जैसे ही आपका बाजार पर काबिज हुआ, उसके हाथ से जमीन ही चली गयी। अब सवाल ये उठता है कि यदि वादी इस जमीन पर कब्जा लेता है, तो आपका बाजार सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह जाएगा। क्योंकि तमाम खर्च इस बाजार से होने वाली आय से ही पूरे होते थे। इस मामले पर डीएम ने एआर कोऑपरेटिव से रिपोर्ट तलब की है।
आपका बाजार करीब 4 हजार वर्ग मीटर में है। जिसके भीतर एसबीआई और जिला सहकारी बैंक की ब्रांच हैं। परिसर में समिति पदाधिकारियोें के ऑफिस, एक बड़ा हॉल सहित छह दुकानें हैं। इनके किराए के साथ आपका बाजार द्वारा संचालित किराना की दुकान से आय होती है। आपका बाजार द्वारा जिला जेल के साथ ही सरकारी आवासीय विद्यालयों में भी किराना सामान की आपूर्ति का अनुबंध था।
दरअसल आपका बाजार की जमीन को लेकर करीब दो दशक से वाद चल रहा है। जिसे सुप्रीम कोर्ट में आपका बाजार की निर्वाचित समिति और उसके बाद तैनात प्रशासक लड़ते रहे। लेकिन सभी की लचर पैरवी से यह मुकदमा 2015 में हार गये। इसके बाद तत्कालीन समिति पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की, जिस पर हाईकोर्ट में रिवीजन वाद दायर करते हुए जमीन अधिग्रहण के 57 लाख रुपये भी जमा करा दिए। लेकिन पैरवी में फिर से कमजोरी होने के कारण 6 अप्रैल को जमीन के मालिक से मुकदमा हार गए। आरोप लग रहे हैं कि साठगांठ के चलते सहकारिता विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे रहे। ताकि इस आदेश के खिलाफ रिवीजन का मौका न मिले। अब यदि समय रहते आपका बाजार कमेटी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिवीजन दाखिल नहीं करती है, तो उसे संपत्ति से हाथ धोना पड़ेगा।
खास बातें:
आपका बाजार प्रकरण पर डीएम ने तलब की रिपोर्ट