सरकारी राशन वितरण में भ्रष्टाचार की जांच करने पहुंची एसआईटी के सदस्य दुकानदारों और राशन कार्ड धारकों से पूछताछ करेंगे। टीम बृहस्पतिवार देर शाम मेरठ पहुंच गई है। शुक्रवार को दिनभर रिकार्ड दुरुस्त करने की कार्रवाई चलती रही। वहीं, आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ एसआईटी सदस्यों ने बैठक की। टीम शनिवार से शहर में राशन की दुकान और राशन कार्ड धारकों से उनके आवास पर मिलने के लिए निकलेगी। अब से पहले भी टीम दो-तीन बार जांच कर चुकी है।
शासन ने राशन वितरण में भ्रष्टाचार की शिकायत पर जांच एसआईटी को सौंपी है। आरोप है कि गरीबों को मिलने वाला राशन फर्जी कार्डों के जरिए बाजार में बेच दिया गया। पहले चरण में फर्जी राशन कार्डों को तो काट दिया गया। बाकी जांच राशन वितरण पर जारी है। अब से पहले एसआईटी के सदस्यों ने आपूर्ति विभाग से पूर्व में बांटे गए राशन का रिकार्ड तलब किया। अब दूसरी कड़ी में टीम आपूर्ति विभाग से मिले रिकार्ड के आधार पर राशन वितरण का निरीक्षण करने निकलेगी। टीम के चार सदस्यों ने शुक्रवार को आपूर्ति विभाग से शहर की दुकानों का पूरा रिकार्ड लिया। जिससे शनिवार से डोर-टू-डोर जांच प्रक्रिया शुरू की जा सके। माना जा रहा है कि उन फर्जी राशन कार्डों के नाम पर किए गए वितरण में धांधली की बाबत अधिकारियों पर शिकंजा कसा जाएगा। वहीं, कई एजेंसी खतरे में आ जाएंगी। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि एसआईटी को जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। उसे रिकार्ड दिया जा चुका है।
मुख्य बातें
एजेंसियों पर पहुंचकर टीम करेगी जांच
दोषी पाए जाने वाले दुकानदारों की निरस्त की जा सकती है दुकान
फर्जीवाड़ा उजागर होने की आशंका