फर्जी आवंटी बनकर जमीन बेचने में एमडीए लिपिक निलंबित
मेरठ।
एमडीए कर्मचारियों द्वारा फर्जी आवंटी बनकर करोड़ों रुपये की जमीन बेचने के मामले में एक महिला लिपिक को निलंबित कर दिया गया है। एमडीए वीसी द्वारा अमर उजाला में प्रकाशित हुए समाचार पर बैठाई गई जांच में महिला लिपिक प्रथम दृष्टया दोषी पाई गई।
अमर उजाला माय सिटी में 22 अगस्त को ‘फर्जी आवंटी बनाकर कर दी करोड़ों की रजिस्ट्री’ शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित हुआ था। जिसमें एमडीए कर्मचारियों द्वारा जमीन में किये गये खेल का खुलासा किया गया था। जबकि मूल आवंटियों को पता ही नहीं था कि उनका प्लाट बिक चुका है। लेकिन एमडीए कर्मचारियों ने फर्जी लोगों के नाम आवंटन पत्र तैयार कराकर बैनामे करा दिए।
समाचार प्रकाशित होने पर शुरू हुई जांच में प्रथम दृष्टया लिपिक रजनी कनौजिया दोषी पाई गई हैं। जिन्हें मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। इस मामले में एमडीए उपाध्यक्ष सीताराम यादव ने बताया कि जांच अभी जारी है। इस मामले के अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई तय की जाएगी।
खास बात
अमर उजाला की खबर पर शुरू हुई जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाई गई महिला लिपिक