मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने शासन के आदेश का हवाला देते हुए एपीआई (एकेडमिक परफोरमेंस इंडीकेटर) की गणना पर 31 दिसंबर 2017 तक रोक लगा दी है। इससे एडेड कॉलेजों में बने कार्यवाहक प्रिंसिपलों को राहत मिली है। प्रिंसिपल बनने के लिए तय एपीआई जुटाने में शिक्षकों के पसीने छूट रहे थे। विवि ने अपने जारी आदेश को वापस ले लिया है।
विवि के रजिस्ट्रार दीप चंद्र की ओर से एडेड कॉलेजों की मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष और सचिव को लिए एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें 28 जुलाई 2017 को जारी शासनादेश का हवाला देते हुए कहा है कॉलेजों में शिक्षकों की कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रमोशन में आ रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए एपीआई की गणना प्रावधान को 31 दिसंबर 2017 तक स्थगित करने का आदेश पारित किया गया है। विवि के अधीन कॉलेजों में भी एपीआई की गणना में कठिनाई आ रही है। विवि ने 19 मई 2017 को एपीआई प्रावधान का पालने करने का निर्देश दिया था। विवि ने शासन के निर्देश पर एपीआई को लेकर जारी किया गया अपने आदेश पर 31 दिसंबर 2017 तक रोक लगा दी है। कार्यवाहक प्रिंसिपलों की नियुक्ति में सीसीएसयू की प्रथम परिनियमानवली के परिनियम 13.20 लागू रहेंगे। इस परिनियम के मुताबिक ही कार्यवाहक प्रिंसिपलों की नियुक्ति करें। गौरतलब है एपीआई प्रावधान में एडेड कॉलेजों में कार्यवाहक प्रिंसिपल बनने के लिए एपीआई स्कोर 400 होना चाहिए। काफी प्रिंसिपल इसको पूरा नहीं कर पा रहे थे। इसलिए वह बेचैन थे।