मेरठ। स्वाइन फ्लू रुक नहीं पा रहा और अब बर्ड फ्लू का खतरा मंडराने लगा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा चेतावनी जारी करने के बाद महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने सीएमओ कार्यालय, मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल को पत्र भेजकर अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं।
पत्र में कहा गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से सचेत किया गया है कि पड़ोसी देश चीन से एच7 एन9 (बर्ड फ्लू) नामक वायरस माइग्रेटरी बर्ड से फैलने का अंदेशा बना हुआ है। यह वायरस मनुष्य से मनुष्य में फैलने की क्षमता रखता है। देश के कई प्रांतों में पॉल्ट्री फार्मों और पक्षी बाजार में संक्रमित पालतू पशुओं में यह जानलेवा वायरस मिला है। लक्षण पाए जाने पर मरीज को जांच के लिए नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल नई दिल्ली, पीजीआई और केजीएमयू में सैंपल भेजा जाना सुनिश्चित करें।
यह तीसरे टाइप का खतरनाक वायरस
एच7 एन9 एवियन एन्फलुएंजा बर्ड फ्लू का तीसरे टाइप का खतरनाक वायरस है। स्वाइन फ्लू से भी अधिक घातक यह वायरस 40 फीसदी मामले में जानलेवा है। इससे निपटने के लिए सर्जिकल मास्क-95, पर्सनल प्रोटेक्शन किट और टेमी फ्लू-75 पर्याप्त मात्रा में चिकित्सा कॉलेज, जिला अस्पताल और अन्य चिकित्सीय प्रतिष्ठानों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्वास्थ्य सूचना के अनुसार पड़ोसी देश चीन में बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में भारत भी रिस्क जोन में रखा गया है। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि आदेश का पालन कराया जा रहा है।
बर्ड फ्लू के लक्षण
हमेशा कफ रहना, नाक बहना, सिर दर्द, गले में सूजन, हर वक्त उल्टी आने जैसा महसूस होना, मांसपेशियों में दर्द, पेट के निचले हिस्से में दर्द, निमोनिया, आंख आना आदि बर्ड फ्लू के लक्षण हैं।
यह बरतें सावधानी
स्वास्थ्य जीवन शैली अपनाएं, हाथों को साबुन से धोएं, खांसी और छींक आने पर नाक को मुंह से कवर करें। पर्याप्त नींद लें और व्यायाम करें।
वेक्टर जनित रोगों को लेकर बैठक
स्वाइन फ्लू के अलावा वेक्टर जनित रोग जैसे डेंगू, चिकनगुनिया आदि के मद्देनजर अपर निदेशक स्वास्थ्य मंजू वैश्य शर्मा ने बैठक ली। इसमें अभियान चलाने और इन रोगों से निबटने के लिए रणनीति बनाने पर विचार किया गया। इसमें सीएमओ और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।