नोटबंदी के दौरान बैंकों में पुराने जाली नोट भी जमा करा दिए गए। चेस्ट ब्रांचों से जब पुराने नोटों की खेप रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को भेजी गई तो जांच में इसका खुलासा हुआ है। पंजाब नेशनल बैंक की जागृति विहार चेस्ट ब्रांच से आरबीआई कानपुर को भेजे गए पुराने नोटों में 51 हजार के नोट जाली मिले हैं। आरबीआई ने चेस्ट ब्रांच के शाखा प्रबंधक के खिलाफ मेडिकल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
थाना प्रभारी मेडिकल धर्मेंद्र कुमार के अनुसार आरबीआई कानपुर के शाखा प्रबंधक सत्य कुमार द्वारा दी गई तहरीर में बताया गया कि पीएनबी की जागृति विहार चेस्ट ब्रांच से आरबीआई को 1000-500 के पुराने नोट भेजे गए थे। इनमें 1000 रुपये का एक और 500 के 100 नोट जाली निक ले हैं। कुल मिलाकर 51 हजार के जाली नोट चेस्ट ब्रांच ने भेजे हैं। इस संबंध में केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना अधिकारी जांच के लिए जागृति विहार चेस्ट ब्रांच भी गए थे। लेकिन वहां प्रबंधक नहीं मिले। बैंक के सेकेंड अधिकारी को मामले की जानकारी दे दी गई थी।
बताया गया कि मतगणना के बाद इस केस की जांच को पुलिस टीम कानपुर आरबीआई भी जाएगी। जहां विवेचक द्वारा वादी के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही नोट किस डेट में भेजे गए, नोटों की गड्डी पर चेस्ट की स्लिप आदि थी या नहीं, ये तमाम जानकारियां ली जाएंगी।
डाक से भेजी गई तहरीर और जाली नोट
विवेचना अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार आरबीआई के प्रबंधक सत्य कुमार ने इसकी तहरीर डाक से भेजी थी। तहरीर के साथ ही जाली नोट भी भेजे गए हैं। यही नहीं, तहरीर में वादी ने धाराएं भी लिखकर भेजी थी। उक्त धाराओं में ही पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। हालांकि विवेचना के आधार पर धाराएं फाइनल होंगी।
नासिक लैब में होगी जांच
विवेचक ने बताया कि वादी ने उक्त पुराने नोटों को जाली बताया है। इसकी पुष्टि के लिए इन नोटों को जांच के लिए नासिक लैब भेजा जाएगा। नोट की अधिकृत जांच नासिक लैब में ही होती है। लैब रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।