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50 करोड़ की जमीन पर फर्जी रिपोर्ट का खेल  

Mon, 28 Mar 2016 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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meerut news - फोटो : अमर उजाला
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पचास करोड़ की संपत्ति को वक्फ से बाहर दिखाने के लिए तहसील टीम ने फर्जी रिपोर्ट बना डाली। इस रिपोर्ट के आधार पर शिया सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ ने इस संपत्ति को वक्फ से बाहर कर दिया। मामला पकड़ में आने पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है तो डीएम ने इस प्रकरण की दोबारा जांच शुरू करा दी है।
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  यह है पूरा प्रकरण
अब्दुल्लापुर व गांव इस्लामाबाद छिलौरा में सैयद मोहम्मद वक्फ की संपत्ति है। सन 1967 में करीब सौ बीघा इस जमीन को दो अलग-अलग हिस्से में बेच दिया गया। सैयद मोहम्मद के परिवार के ही लोगों ने इसे बेचा। इस जमीन पर टाउनशिप विकसित की जा रही है। बाद में इसी संपत्ति को लेकर सैयद मोहम्मद के ही परिवार के लोगों ने वक्फ बोर्ड और हाईकोर्ट में वाद दायर किया। हाईकोर्ट से कहा गया है कि वक्फ बोर्ड तय करे कि यह जमीन वक्फ है या नहीं। इस बाबत तहसील से रिपोर्ट मांगी गई।
  रिपोर्ट में कर दिया गया खेल
तहसील की रिपोर्ट में ही पूरा खेल कर दिया गया। अब्दुल्लापुर मेरठ तहसील क्षेत्र के लेखपाल गुरुमेहर सिंह ने उन खसरा नंबरों को वक्फ से बाहर दिखा दिया, जो विवादित थे। खेल यह भी हुआ कि रिपोर्ट सीधी ही वक्फ बोर्ड को दस्ती रूप में भेजी। इसी पर वक्फ बोर्ड ने भी आदेश कर दिया कि यह जमीन वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं है।
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  खुल गया पूरा खेल
दोबारा इस प्रकरण की जांच हुई तो मामला पकड़ में आ गया। आठ फरवरी 2016 को खुद लेखपाल गुरु मेहर सिंह ने यह स्वीकारोक्ति करते हुए एसडीएम मेरठ को अपनी रिपोर्ट भेजी कि उसने त्रुटिपूर्ण रिपोर्ट प्रेषित की थी। कहा गया कि उसकी पूर्व में भेजी गई आख्या का संज्ञान न लिया जाए। एसडीएम ने जांच के बाद 16 फरवरी को डीएम को अपनी रिपोर्ट भेजी है जिसमें तीन मुख्य बिंदु पाए गए। अधिकारिक प्रति की फोटो कॉपी पर ही तहसीलदार के प्रेषण हेतु दस्ती आदेश करा लिए गए। साथ ही यह कहा गया है कि लेखापाल ने त्रुटिपूर्ण आख्या दी है। ऐसे में उसका संज्ञान न लिया जाए। इस मामले में लेखपाल को निलंबित भी कर दिया गया है।
  फिर से जांच शुरू
इस मामले का भंडाफोड़ होने पर पूरे प्रकरण की जांच डीएम ने फिर से शुरू करा दी है। उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भी कहा है कि वे इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर अपने स्तर से भी कार्रवाई करें।
  कोट
डीएम ने इस प्रकरण की जांच फिर से शुरू कराई है। लेखपाल ने गलत रिपोर्ट दी थी जिस पर उसे निलंबित कर दिया गया है। जांच का जो भी निष्कर्ष होगा, उसी आधार पर वक्फ बोर्ड को नई रिपोर्ट भेजी जाएगी। - एसएन पांडे जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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